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निर्देश: गृह मंत्रालय की सभी राज्यों से अपील- थानों में आईटी एक्ट-66 A के तहत न हो मामला दर्ज
Thu, 15 Jul 2021 12:03 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:03 AM IST
सार
गृह मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी पुलिस स्टेशनों को आईटी एक्ट-66 A के तहत मामले दर्ज न करने का निर्देश दें।
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गृह मंत्रालय में यौन शोषण को लेकर बैठक चल रही है
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गृह मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी पुलिस स्टेशनों को निरस्त आईटी एक्ट-66 A के तहत मामले दर्ज न करने का निर्देश दें।
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गौरतलब है कि तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस कानून की परिभाषा स्पष्ट नहीं है। एक कंटेंट जो किसी एक के लिए आपत्तिजनक होगा तो हो सकता है वहीं दूसरे के लिए न हो। अदालत ने कहा था कि धारा 66 ए से लोगों के जानने का अधिकार सीधे तौर पर प्रभावित होता है। तब तत्कालीन जस्टिस जे. चेलमेश्वर और जस्टिस रॉहिंटन नारिमन की बेंच ने कहा था कि ये प्रावधान साफ तौर पर संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है।
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बता दें कि धारा 66 ए तब पुलिस को अधिकार देती थी कि वो कथित तौर पर आपत्तिजनक कंटेंट सोशल साइट या नेट पर डालने वालों को गिरफ्तार कर सकती थी. लेकिन अब पुलिस ऐसा नहीं कर सकती।
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Ministry of Home Affairs (MHA) has requested States and UTs to direct all police stations under their jurisdiction not to register cases under the repealed Section 66A of the Information Technology Act, 2000: MHA pic.twitter.com/ddBBfWN7Y0
— ANI (@ANI) July 14, 2021