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मैक्सिको: पक्षियों का झुंड अचानक जमीन पर गिरा, लोगों ने प्रदूषण और 5-जी तकनीक को बताया जिम्मेदार

Wed, 16 Feb 2022 10:24 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 16 Feb 2022 10:24 PM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक, घटना की वजह पेरेग्रीन या बाज जैसा कोई विशाल पक्षी भी हो सकता है। हो सकता है कि किसी बड़े पक्षी ने इनके शिकार की कोशिश की हो। इस वजह से बड़ी संख्या में पक्षी जमीन पर गिरकर मर गए हों।

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Mexico: A flock of birds suddenly fell on the ground people blamed pollution and 5G technology
5G Network - फोटो : Pixabay

विस्तार

उत्तरी अमेरिका का एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मैक्सिको के कुआउटेमोक शहर में पक्षियों का एक झुंड अचानक जमीन पर आ गिरा। झुंड में पीले सिर वाले ब्लैक बर्ड्स शामिल थे। इनकी संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है। 

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जानकारी के मुताबिक, इनमें कई परिंदों की मौत हो गई है। घटना 7 फरवरी की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोगों ने इस घटना के लिए प्रदूषण, 5-जी तकनीक और बिजली के तारों को जिम्मेदार ठहराया है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, घटना की वजह पेरेग्रीन या बाज जैसा कोई विशाल पक्षी भी हो सकता है। हो सकता है कि किसी बड़े पक्षी ने इनके शिकार की कोशिश की हो। इस वजह से बड़ी संख्या में पक्षी जमीन पर गिरकर मर गए हों।
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क्या है 5-जी नेटवर्क

  • अमेरिका में 5G होम इंटरनेट सर्विस अक्तूबर 2018 में शुरू की गई थी। ये हाई-स्पीड इंटरनेट तकनीक सबसे पहले अप्रैल 2019 में साउथ कोरिया में लॉन्च की गई थी। इसके बाद इसमें 26 देश और जुड़े हैं। फिलहाल 5-जी के 19 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं। इनमें से अधिकतर चीन के हैं, जहां 5-जी अक्तूबर 2019 में ही लॉन्च हुआ था।
  • इसे स्मार्टफोन की तुलना में कई तरह के उपकरणों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। यह कहीं अधिक गति और क्षमता प्रदान करता है। 5-जी तीन बैंड में काम करता है, जैसे लो, मिड और हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम। लो बैंड स्पेक्ट्रम में स्पीड 100 मेगाबिट्स प्रति सेकेंड तक सीमित होती है। मिड-बैंड स्पेक्ट्रम लो बैंड की तुलना में उच्च गति प्रदान करता है।
  • हालांकि, इसमें कवरेज एरिया और सिग्नल की सीमाएं हैं। हाई-बैंड स्पेक्ट्रम में, गति 20 Gbps (गीगाबाइट प्रति सेकंड) हो जाती है। यह पहली बार नहीं है जब 5G को पक्षियों के साथ हुए हादसे का जिम्मेदार बताया जा रहा है।
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