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ग्रीन व ऑरेंज जोन में जुलाई में स्कूल कॉलेज खुलने की संभावना, अगले हफ्ते गाइडलाइन हो सकती है जारी
Sun, 24 May 2020 05:12 AM IST
श्रीधर मिश्रा
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sun, 24 May 2020 05:12 AM IST
सार
- मानव संसाधन विकास मंत्री अगले हफ्ते तक शिक्षण संस्थानों के लिए सेफ्टी गाइडलाइन कर सकते हैं जारी
- प्राइमरी कक्षा तक के छात्रों को स्कूल आने पर रोक संभव
- ग्रीन व ऑरेंज जोन में जुलाई में स्कूल और कॉलेज खुलने की संभावना
- शिक्षकों को गाइडलाइन पूरी करवाने की जिम्मेदारी
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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विस्तार
वैश्विक महामारी कोविड-19 के लॉकडाउन के बाद जुलाई में स्कूल और कॉलेज खुल सकते हैं। हालांकि शिक्षण संस्थान खुलने पर प्राइमरी कक्षा तक के छात्रों के स्कूल आने पर रोक संभव है। दरअसल छोटे बच्चों को सामाजिक दूरी के साथ स्कूल परिसर में एक साथ संभालना थोड़ा मुश्किल है। इसीलिए शिक्षण संस्थान बड़ी कक्षाओं (आठवीं से 12वीं कक्षा) के छात्रों के साथ खुल सकते हैं।
शिक्षण संस्थानों को खोलने और दाखिला प्रवेश परीक्षा से लेकर बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सेफ्टी गाइडलाइन तैयार कर ली हैं। इसमें स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी को लेकर अलग-अलग गाइडलाइन होगी। उम्मीद है कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक अगले हफ्ते तक इस सेफ्टी गाइडलाइन को जारी कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्राइमरी कक्षा को फिलहाल कोरोना बचाव के तहत हालात ठीक होने तक घर से काम करने को दिया जाएगा। इसमें शिक्षक प्रतिदिन अभिभावाकों को प्रैक्टिकल वर्क होम वर्क के रूप में देंगे। इसमें छात्रों की क्रिएटिविटी पर जोर दिया जाएगा। मंत्रालय द्वारा जारी होने वाली सेफ्टी गाइडलाइन को राज्य सरकारें उसमें आगे अपने आधार पर थोड़ा बहुत बदलाव कर सकेंगी।
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बड़ी कक्षाओं के छात्र से लेकर शिक्षक या कर्मी हर कोई मॉस्क,दस्ताने पहनकर आएगा। कैंटीन, कॉरिडोर, कक्षा, लाइब्रेरी से लेकर टॉयलेट रूम के बाहर भी कोरोना बचाव की गाइडलाइन लगी होंगी। सीसीटीवी से छात्रों की सामाजिक दूरी के नियमों को जांचा-परखा जाएगा।
संबंधित एरिया के एसडीएम और डीएम को औचक्क निरीक्षण के साथ-साथ गाइडलाइन को पूरा करवाने की जिम्मेदारी होगी। ऐसे ही स्कूल बस में भी एक सीट पर एक छात्र ही बैठेगा। दो शिफ्ट के साथ ऑड-ईवन रोल नंबर के साथ छात्रों को बुलाने की भी योजना संभव है। हर दिन कक्षाओं, बस और स्कूल परिसर को संक्रमणमुक्त करना अनिवार्य होगा।
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शिक्षण संस्थानों को खोलने और दाखिला प्रवेश परीक्षा से लेकर बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सेफ्टी गाइडलाइन तैयार कर ली हैं। इसमें स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी को लेकर अलग-अलग गाइडलाइन होगी। उम्मीद है कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक अगले हफ्ते तक इस सेफ्टी गाइडलाइन को जारी कर सकते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, प्राइमरी कक्षा को फिलहाल कोरोना बचाव के तहत हालात ठीक होने तक घर से काम करने को दिया जाएगा। इसमें शिक्षक प्रतिदिन अभिभावाकों को प्रैक्टिकल वर्क होम वर्क के रूप में देंगे। इसमें छात्रों की क्रिएटिविटी पर जोर दिया जाएगा। मंत्रालय द्वारा जारी होने वाली सेफ्टी गाइडलाइन को राज्य सरकारें उसमें आगे अपने आधार पर थोड़ा बहुत बदलाव कर सकेंगी।
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स्कूलों में लगेंगे थर्मल स्कैनर
स्कूलों में थर्मल स्कैनर लगेंगे। संस्थान खोलने से पहले शिक्षकों को थर्मल स्कैनर प्रयोग करने, सामाजिक दूरी के साथ छात्रों को रहने, बैठने, खाने आदि को सीखाने की बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कक्षा में एक बेंच पर एक छात्र ही बैठेगा या फिर तीन वाले सीटिंग प्लान में बीच की सीट खाली रहेगी।बड़ी कक्षाओं के छात्र से लेकर शिक्षक या कर्मी हर कोई मॉस्क,दस्ताने पहनकर आएगा। कैंटीन, कॉरिडोर, कक्षा, लाइब्रेरी से लेकर टॉयलेट रूम के बाहर भी कोरोना बचाव की गाइडलाइन लगी होंगी। सीसीटीवी से छात्रों की सामाजिक दूरी के नियमों को जांचा-परखा जाएगा।
संबंधित एरिया के एसडीएम और डीएम को औचक्क निरीक्षण के साथ-साथ गाइडलाइन को पूरा करवाने की जिम्मेदारी होगी। ऐसे ही स्कूल बस में भी एक सीट पर एक छात्र ही बैठेगा। दो शिफ्ट के साथ ऑड-ईवन रोल नंबर के साथ छात्रों को बुलाने की भी योजना संभव है। हर दिन कक्षाओं, बस और स्कूल परिसर को संक्रमणमुक्त करना अनिवार्य होगा।