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मासिक धर्म स्वच्छता दिवस : छोड़ें शर्म, करें खुलकर बात, रोक सकेंगे कैंसर का वार

Sun, 28 May 2023 06:29 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 28 May 2023 06:29 AM IST
सार

एम्स के आंकड़े बताते हैं कि मासिक धर्म स्वच्छता को न अपनाने वाले कमजोर इम्युनिटी की 10% महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना रहती है।
 

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Menstrual Hygiene Day, Sanitary pad machine facility started for women in AIIMS
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मासिक धर्म को लेकर यदि महिलाएं खुलकर बात करती हैं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देती हैं तो कैंसर के वार को भी टाल सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के अभाव में महिलाएं इन्फेक्शन की चपेट में आ जाती हैं और कैंसर का शिकार हो जाती हैं। वहीं, कई महिलाओं की फेलोपाइन ट्यूब ब्लॉक हो जाती है। इस वजह से वे बांझपन की शिकार हो जाती हैं।

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जागरूकता के अभाव में आज भी देश में ऐसी काफी महिलाएं हैं, जो मासिक धर्म को दूसरी नजर से देखती हैं। इस कारण इनमें इन्फेक्शन की समस्या बढ़ रही है। धीरे-धीरे यह दूसरे रोगों को जन्म देता है। एम्स के आंकड़े बताते हैं कि मासिक धर्म स्वच्छता को न अपनाने वाले कमजोर इम्युनिटी की 10% महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना रहती है।
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वहीं ऐसी 15% महिलाओं में ट्यूब ब्लॉक होने शिकायत मिल रही है। जबकि करीब 30% महिलाओं इन्फेक्शन के कारण कई तरह के रोग देखने को मिल रही हैं। महिलाएं आसानी इन रोगों के चपेट में आ रही हैं जिनकी आसानी से रोका जा सकता है।
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इस बारे में एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डॉ. नीरजा भाटला ने कहा कि महिलाओं में जागरूकता के अभाव में कई रोग हो जाते हैं। महिलाओं को इसे लेकर शर्म छोड़कर खुलकर बात करनी चाहिए। यह शरीर की क्रिया है। जिस तरह से हम दांत को, शरीर के अन्य अंगों को साफ करते हैं उसी तरह शरीर के इस अंग को भी साफ रख सकते हैं। इसे साफ रखने से कैंसर जैसे घातक रोगों की रोकथाम हो सकती है। उनका कहना है कि सफाई न रखने से शरीर के निचले हिस्से से इन्फेक्शन शरीर के अंदर ऊपरी भाग की तरफ बढ़ जाता है।

रोजाना आती हैं हजारों महिलाएं
एम्स में रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज उपचार करवाने आते हैं। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की होती है। वहीं महिलाओं के लिए बने मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक में उपचार करवाने रोजाना 400 से अधिक महिलाएं आती हैं। इनमें से काफी महिलाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें सैनेटरी पैड की जरूरत होती है, लेकिन सुविधा न होने के कारण परेशान होती हैं। ऐसे में इस मशीन की मदद से सैकड़ों महिलाओं को फायदा मिल सकेगा।


इन जगहों पर लगाई गई मशीन

जगह संख्या

  • न्यू राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी, ग्राउंड फ्लोर 02  
  • मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक, ग्राउंड फ्लोर 03
  • सर्जरी ब्लॉक, भूतल 01
  • आईआरसीएच ग्राउंड फ्लोर 02
  • सीएनसी ग्राउंड फ्लोर 01
  • डॉ. आरपीसी, भूतल 01
  • आपातकाल 01
  • ट्रॉमा सेंटर रोगी प्रतीक्षालय 01
  • लाइब्रेरी 01
  • पीजी छात्रावास संख्या 9 01


एम्स में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन का शुभारंभ  
एम्स में उपचार करवाने आ रही महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड वेंडिंग और इंसीनरेटर मशीन का शुभारंभ किया गया है। इन जगहों से महिलाएं 10 रुपये में तीन पैड की सुविधा हासिल कर सकती हैं। साथ ही इस्तेमाल हो चुके पैड को यहां पर नष्ट कर सकती हैं।

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