फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   men adopt hinduism for marriage now seeks Supreme Court intervention to live with her wife

शादी के लिए मुस्लिम शख्स बना हिंदू, अब पत्नी संग रहने के लिए खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

Sat, 18 Aug 2018 08:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 18 Aug 2018 08:36 AM IST
विज्ञापन
men adopt hinduism for marriage now seeks Supreme Court intervention to live with her wife
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसा मामला आया है जिसमें हादिया मामले की याद दिला दी है। शुक्रवार को 33 साल के मुस्लिम शख्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा कि उसने हिंदू जैन लड़की से शादी करने के लिए हिंदू धर्म को अपनाया था। उसने आरोप लगाया है कि अब लड़की के माता-पिता और एक हिंदू दक्षिणपंथी समूह ने उन दोनों को जबरन अलग कर दिया है। 

विज्ञापन


याचिकाकर्ता मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी उर्फ आर्यन आर्य ने अपने वकील निखिल नैय्यर के जरिए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लड़की उसके साथ रहना चाहती है लेकिन उसके मां-बाप उसे लेकर चले गए जबकि याचिकाकर्ता ने धर्म परिवर्तन कर लिया है। कोर्ट उसे पेश कर सकती है और उसकी स्वतंत्र इच्छा के बारे में पूछ सकती है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के धमतरी (जहां लड़की रहती है) के एसपी को 27 अगस्त को लड़की को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। 
विज्ञापन


कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा, 'यदि लड़की आपकी याचिका का समर्थन नहीं करती है तो आपकी याचिका को खारिज कर दिया जाएगा।' याचिकाकर्ता का कहना है कि वह पांच सालों से लड़की को जानता है और पिछले 2-3 सालों से उससे प्यार करता है। जनवरी में लड़की रायपुर के प्रोफेशनल स्कूल में शामिल हुई। जब उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया तो शख्स ने 23 फरवरी को धर्म परिवर्तन करा लिया और अपना नाम बदलकर आर्यन आर्य रख लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


धर्म परिवर्तन से पहले उन्होंने रायपुर के आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज और परंपरा के अनुसार शादी की थी। हालांकि लड़की ने अपने परिवार से शादी की बात को छुपाए रखा और इसका खुलासा करने के लिए सही समय का इंतजार करने लगी। 22 मार्च को शादी पंजीकृत हुई और रायपुर नगर निगम ने 17 अप्रैल को शादी का सर्टिफिकेट जारी किया। जून में लड़की के माता-पिता को शादी के बारे में पता चला। चूंकि जोड़े को यह शक था कि लड़की के माता-पिता उन्हें साथ नहीं रहने देंगे क्योंकि लड़का मुस्लिम था, इसी वजह से उसने फैसला किया कि वह बिना उन्हें बताए अपने पति के घर चली जाएगी।

लड़की 30 जून को अपने घर से जा रही थी लेकिन एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया और उसे पुलिस स्टेशन ले गई जहां से उसे नारी निकेतन भेज दिया गया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि लड़की के प्रभावशाली पिता की वजह से पुलिस ने एक झूठा बयान दर्ज किया। जिसमें लिखा है कि वह अपने माता-पिता के पास वापस जाना चाहती है और उसकी कस्टडी उन्हें सौंप दी जाए। आर्यन का कहना है कि उसे तब से एक दक्षिणपंथी हिंदू समूह से अपनी जान को खतरा है। 


याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच को बताया कि उसने पुलिस से मदद मांगी थी लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ के बिलासलपुर में स्थित हाईकोर्ट भी गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर 15 दिनों के विलंब पर लड़की कोर्ट में पेश हुई। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसने कोर्ट में कहा था कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है और उसने अपनी मर्जी से शादी की है। लेकिन उसके माता-पिता कोर्ट में रोए और उसकी मां ने जजों के सामने उसे थप्पड़ मारा और कहा कि वह जहर खा लेगी और उसे भी मार देगी। जिसके बाद भवनाओं में बहकर वह अपने मां-बाप के साथ चली गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed