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मेघालय: कांग्रेस छोड़ने वाले 12 विधायकों को अयोग्य करार देने की अर्जी नामंजूर, स्पीकर ने दलबदल को वैध माना
Thu, 23 Dec 2021 10:10 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, शिलांग
पीटीआई, शिलांग
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 23 Dec 2021 10:10 PM IST
सार
स्पीकर ने कहा कि विधायकों का पाला बदलना संविधान की 10 वीं अनुसूची के अनुसार वैध है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकुल संगमा, उनके सहयोगी व पूर्व स्पीकर चार्ल्स प्यांरोपे और 10 अन्य विधायक 25 नवंबर को पार्टी छोड़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। मेघालय में अब तृणमूल मुख्य विपक्षी दल बन गई है।
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मेघालय के स्पीकर मेहताब लिंगदोह
- फोटो : social media
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विस्तार
मेघालय के स्पीकर मेहताब लिंगदोह ने गुरुवार को कांग्रेस की वह अर्जी खारिज कर दी, जिसमें उसके 12 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग की गई थी। ये कांग्रेस विधायक पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
स्पीकर ने कहा कि विधायकों का पाला बदलना संविधान की 10 वीं अनुसूची के अनुसार वैध है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकुल संगमा, उनके सहयोगी व पूर्व स्पीकर चार्ल्स प्यांरोपे और 10 अन्य विधायक 25 नवंबर को पार्टी छोड़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। मेघालय में अब तृणमूल मुख्य विपक्षी दल बन गई है।
स्पीकर ने आदेश में यह कहा
कांग्रेस व तृणमूल का पक्ष सुनने के बाद स्पीकर लिंगदोह ने अपने आदेश में कहा, 'मैं कांग्रेस के 12 विधायकों के विलय को संविधान की 10 वीं अनुसूची के तहत वैध मानता हूं, यह अयोग्य करार देने की कार्रवाई के योग्य नहीं है। मुझे कांग्रेस विधायक अम्पारीन लिंगदोह द्वारा दायर अर्जी व दलीलों में कोई मेरिट नहीं आता है, इसलिए मैं इसे खारिज करता हूं।'
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क्या है संविधान की 10 वीं अनुसूची
संविधान की 10वीं अनुसूची में दलबदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित प्रावधान हैं। इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत शामिल किया गया, जिसे दलबदल विरोधी अधिनियम (1985) भी कहा जाता है।
स्पीकर के आदेश पर कांग्रेस विधायक अम्पारीन लिंगदोह ने कहा कि वह आदेश का सम्मान करती हैं। मैं इस याचिका को आगे नहीं बढ़ाऊंगी क्योंकि 2022 में हमारे चुनाव अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, पार्टी का इस मामले पर एक अलग दृष्टिकोण हो सकता है। मेघालय में वर्ष 2023 में चुनाव होने वाले हैं। लिंगदोह ने कहा कि अब जनता इस मामले का फैसला करेगी।
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स्पीकर ने कहा कि विधायकों का पाला बदलना संविधान की 10 वीं अनुसूची के अनुसार वैध है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकुल संगमा, उनके सहयोगी व पूर्व स्पीकर चार्ल्स प्यांरोपे और 10 अन्य विधायक 25 नवंबर को पार्टी छोड़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। मेघालय में अब तृणमूल मुख्य विपक्षी दल बन गई है।
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स्पीकर ने आदेश में यह कहा
कांग्रेस व तृणमूल का पक्ष सुनने के बाद स्पीकर लिंगदोह ने अपने आदेश में कहा, 'मैं कांग्रेस के 12 विधायकों के विलय को संविधान की 10 वीं अनुसूची के तहत वैध मानता हूं, यह अयोग्य करार देने की कार्रवाई के योग्य नहीं है। मुझे कांग्रेस विधायक अम्पारीन लिंगदोह द्वारा दायर अर्जी व दलीलों में कोई मेरिट नहीं आता है, इसलिए मैं इसे खारिज करता हूं।'
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क्या है संविधान की 10 वीं अनुसूची
संविधान की 10वीं अनुसूची में दलबदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित प्रावधान हैं। इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत शामिल किया गया, जिसे दलबदल विरोधी अधिनियम (1985) भी कहा जाता है।
स्पीकर के आदेश पर कांग्रेस विधायक अम्पारीन लिंगदोह ने कहा कि वह आदेश का सम्मान करती हैं। मैं इस याचिका को आगे नहीं बढ़ाऊंगी क्योंकि 2022 में हमारे चुनाव अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, पार्टी का इस मामले पर एक अलग दृष्टिकोण हो सकता है। मेघालय में वर्ष 2023 में चुनाव होने वाले हैं। लिंगदोह ने कहा कि अब जनता इस मामले का फैसला करेगी।