Meghalaya: पूर्वी जयंतिया हिल्स में अप्रैल से जहरीले मशरूम से अब तक छह लोगों की मौत, चेतावनी जारी
Meghalaya: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में अप्रैल से अब तक जहरीले मशरूम खाने से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने मानसून में बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि जहरीले मशरूम दिखने में सामान्य जैसे लगते हैं और पकाने या उबालने से भी जहरीले तत्व खत्म नहीं होते।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में अप्रैल से अब तक मशरूम जहर से जुड़े 15 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 6 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसून के चलते स्वास्थ्य विभाग अब आगे की त्रासदियों को रोकने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है। ये घटनाएं मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में हुई हैं, जहां लोग नियमित रूप से जंगलों से जंगली मशरूम इकट्ठा करते हैं।
जिला चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, पीड़ितों में बच्चे और वयस्क दोनों शामिल हैं। जिले के स्वास्थ्य कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'ये जहरीले मशरूम दिखने में बिल्कुल वैसे ही लगते हैं, जैसे सामान्य रूप से खाए जाने वाले मशरूम, जिससे उन्हें पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है।'
मशरूम जहर की घटनाएं मुख्य रूप से अप्रैल से अक्तूबर के बीच होती हैं। यह वही अवधि है, जब मानसून में नमी के कारण फफूंद तेजी से पनपती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कभी-कभी जहरीले मशरूम स्थानीय बाजारों में खाने योग्य मशरूम के साथ मिल जाते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। ये विषैले तत्व पकाने, उबालने या जमाने से भी नष्ट नहीं होते।
ये भी पढ़ें: रक्षा मंत्री बोले- सशस्त्र बलों ने दिखाई बहादुरी, पाकिस्तान-PoK में निष्क्रिय किए आतंकी शिविर
इसके प्रारंभिक लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं। गंभीर मामलों में अत्यधिक प्यास, पसीना, भ्रम, मतिभ्रम (hallucination), लिवर डैमेज और अंततः कोमा या मृत्यु हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है और लोगों को ऐसे मशरूम से बचने की सलाह दी है जिनमें निम्न संकेत हों-
-काटने पर हरा या बैंगनी रंग दिखना
-कड़वा स्वाद या दुर्गंध
-जलन महसूस होना
-टोपी (cap) पर पैमाने या परत होना
ये भी पढ़ें: Operation Sindoor: 'अनजाने में जूनियर कर्मचारी ने दाखिल किया..' रिलायंस ने वापस लिया ट्रेडमार्क पंजीकरण आवेदन
पड़ोसी री-भोई जिले ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक चेतावनियां जारी की हैं और नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी को ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं या आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करें।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.