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मेघालय की राजनीति में बड़ा फेरबदल: यूडीपी में फिर टूट, तीन विधायक आज एनपीपी में हो सकते हैं शामिल
Mon, 19 Oct 2026 10:10 AM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, शिलॉन्ग
पीटीआई, शिलॉन्ग
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 19 Oct 2026 10:10 AM IST
सार
मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन और विधायकों के सोमवार को नेशनल पीपुल्स पार्टी में शामिल होने की संभावना है। ऐसा होने पर मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की पार्टी के विधायकों की संख्या 60 सदस्यीय विधानसभा में 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी। इससे पहले यूडीपी के आठ विधायकों के भाजपा में विलय को विधानसभा अध्यक्ष ने मान्यता दी थी।
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यूडीपी के पास बचेगा सिर्फ एक विधायक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मेघालय की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के बचे हुए चार विधायकों में से तीन सोमवार को नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो सकते हैं। यूडीपी के एक नेता ने यह जानकारी दी।
इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की पार्टी एनपीपी की ताकत 60 सदस्यीय विधानसभा में 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी। यह घटनाक्रम विधानसभा अध्यक्ष की ओर से यूडीपी के आठ विधायकों के भाजपा में विलय को मान्यता दिए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है।
यूडीपी के पास अब सिर्फ एक विधायक बचने की संभावना
यूडीपी के पास पहले 12 विधायक थे। अब तीन और विधायकों के पार्टी छोड़ने की स्थिति में उसके पास केवल एक विधायक बचेगा। वह पार्टी अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह हैं, जो कॉनराड संगमा सरकार में मंत्री भी हैं। यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने बताया कि पार्टी के बचे हुए चार विधायकों में से तीन सोमवार को एनपीपी में शामिल होंगे।
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मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस में शामिल हैं भाजपा और यूडीपी
भाजपा और यूडीपी, दोनों मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस का हिस्सा हैं। ताजा राजनीतिक बदलाव से राज्य विधानसभा में दलों की स्थिति और बदल जाएगी। सत्तारूढ़ गठबंधन में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी है।
आठ विधायकों के भाजपा में जाने के बाद बढ़ी ताकत
हाल ही में आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी की विधानसभा में संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई थी। ये आठ विधायक 23 सितंबर को नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके दो दिन बाद उन्होंने मेघालय विधानसभा को पत्र सौंपकर अपने विलय की जानकारी दी थी। मेघालय विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा ने 16 अक्तूबर को आदेश जारी कर इस विलय को मान्यता दी थी।
2028 की शुरुआत में होने हैं चुनाव
मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 की शुरुआत में होने की संभावना है। चुनाव से पहले विधायकों के दल बदलने से राज्य की राजनीतिक स्थिति में अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
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इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की पार्टी एनपीपी की ताकत 60 सदस्यीय विधानसभा में 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी। यह घटनाक्रम विधानसभा अध्यक्ष की ओर से यूडीपी के आठ विधायकों के भाजपा में विलय को मान्यता दिए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है।
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यूडीपी के पास अब सिर्फ एक विधायक बचने की संभावना
यूडीपी के पास पहले 12 विधायक थे। अब तीन और विधायकों के पार्टी छोड़ने की स्थिति में उसके पास केवल एक विधायक बचेगा। वह पार्टी अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह हैं, जो कॉनराड संगमा सरकार में मंत्री भी हैं। यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने बताया कि पार्टी के बचे हुए चार विधायकों में से तीन सोमवार को एनपीपी में शामिल होंगे।
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मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस में शामिल हैं भाजपा और यूडीपी
भाजपा और यूडीपी, दोनों मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस का हिस्सा हैं। ताजा राजनीतिक बदलाव से राज्य विधानसभा में दलों की स्थिति और बदल जाएगी। सत्तारूढ़ गठबंधन में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी है।
आठ विधायकों के भाजपा में जाने के बाद बढ़ी ताकत
हाल ही में आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी की विधानसभा में संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई थी। ये आठ विधायक 23 सितंबर को नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके दो दिन बाद उन्होंने मेघालय विधानसभा को पत्र सौंपकर अपने विलय की जानकारी दी थी। मेघालय विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा ने 16 अक्तूबर को आदेश जारी कर इस विलय को मान्यता दी थी।
2028 की शुरुआत में होने हैं चुनाव
मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 की शुरुआत में होने की संभावना है। चुनाव से पहले विधायकों के दल बदलने से राज्य की राजनीतिक स्थिति में अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं।