पुलिस का दावा: 'राजा रघुवंशी की हत्या करने वाले दो आरोपी कबूलनामे से मुकरे, मजिस्ट्रेट के सामने साधी चुप्पी'
राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को मेघालय के सोहरा इलाके में हनीमून मनाते समय लापता हो गए थे। उनका शव 2 जून को एक घाटी में सड़ी-गली हालत में मिला था। सोनम ने 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया था। मामले में पुलिस ने कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था।
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विस्तार
पिछले महीने मेघालय में सोनम रघुवंशी को उसके पति राजा रघुवंशी की हत्या में मदद करने वाले तीन लोगों में से दो ने अपने पहले के बयान से किनारा कर लिया है। पुलिस के सामने अपराध कबूल करने वाले दो आरोपी अब पलट गए हैं। उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने खुद खिलाफ गवाही देने से इनकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से यह दावा किया जा रहा है। शिलांग शहर के पुलिस अधीक्षक हरबर्ट पिनियाड खारकोंगोर, जो हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया, 'हमने पांच आरोपियों में से केवल दो को मजिस्ट्रेट के पास भेजा। वे कोई बयान नहीं देना चाहते थे। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। हम एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं।' इससे पहले मेघालय पुलिस ने पहले दावा किया था कि सभी आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है।
पुलिस के इकबालिया बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं
खारकोंगोर ने बताया कि पुलिस के इकबालिया बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'यह उनका अधिकार है कि वे इकबालिया बयान न दें, लेकिन भौतिक साक्ष्य भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोई मुद्दा नहीं है। हमारे पास मामले में सबूत हैं।' भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 180 के तहत दर्ज किए गए बयान जांच और जिरह के दौरान अधिकारियों की मदद करते हैं, लेकिन धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए बयान ही अदालत में मान्य होते हैं।
लापता की तलाश के बीच चौंकाने वाला खुलासा
आनंद और आकाश के अलावा विशाल सिंह चौहान ने पिछले महीने सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह को राजा रघुवंशी की हत्या करने में सहायता की थी। सोनम और राजा हनीमून के लिए मेघालय आए थे। मामला लापता दंपती को लेकर शुरू हुआ था, जब 29 वर्षीय राजा और 24 वर्षीय सोनम का पूर्वोत्तर राज्य में पता नहीं चल पाया। बाद में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
शादी, हत्या और साजिश
इंदौर के रहने वाले इस जोड़े ने 11 मई को शादी की थी। पुलिस के मुताबिक, सोनम के राज के साथ रिश्ते के बावजूद यह शादी हुई, जो उसके परिवार के स्वामित्व वाली फर्नीचर शीट इकाई में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। सोनम पारिवारिक व्यवसाय की देखभाल करती थी। इंदौर में अपनी शादी के बाद राजा और सोनम हनीमून के लिए मेघालय गए। वे 23 मई को नोंगरियाट गांव में एक होमस्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद गायब हो गए। इसके बाद 2 जून को राजा का शव मिला। लापता सोनम की खोज के बीच वह 8 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सामने आई और बाद में नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही आकाश, विशाल और आनंद को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। राज को बाद में गिरफ्तार किया गया। 11 जून को सोनम ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या की बात कबूल की।
तीन और गिरफ्तारियां भी की गईं
इस बीच बीते मंगलवार को मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसॉन्ग (जो गृह विभाग भी संभालते हैं) ने कहा कि पुलिस प्रेम संबंध के अलावा मामले में तीन और गिरफ्तारियों के साथ जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में लोकेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं, जिन्हें उस फ्लैट का मालिक माना जाता है, जहां सोनम मेघालय से इंदौर लौटने के बाद 26 मई से 8 जून के बीच रुकी थी। प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स, जिन्होंने संबंधित फ्लैट विशाल को किराए पर दिया था और बलबीर अहिरबार उर्फ 'बल्लू', जो इलाके का सुरक्षा गार्ड है।