फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Meghalaya HC directs state govt to ban display of animal carcasses in meat shops

मेघालय: मांस की दुकानों में जानवरों के शवों के प्रदर्शन पर रोक, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए सख्त निर्देश

Sat, 27 May 2023 05:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 27 May 2023 05:41 PM IST
सार

उच्च न्यायालय ने कहा, राज्य को जानवरों के साथ नैतिक व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए, यहां तक कि उन जानवरों के लिए भी जिन्हें मानव उपभोग के लिए मारा जाता है और जिन्हें खेत के जानवरों के रूप में उपयोग किया जाता है।

विज्ञापन
Meghalaya HC directs state govt to ban display of animal carcasses in meat shops
meghalaya high court - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मेघालय उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह मांस की दुकानों में जानवरों के शवों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाए। 

विज्ञापन

 
मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक फैसले में कहा, 'राज्य एक उदाहरण स्थापित करे और मांस की दुकानों में जानवरों के शवों के प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए।' खंडपीठ ने कहा, हालांकि उन्हें रेफ्रिजरेटर या कंटेनरों में या परिसर के भीतर शोकेस में भी संग्रहित किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि यह बाहर से जनता के लिए खुला नहीं होना चाहिए। 
विज्ञापन


उच्च न्यायालय ने कहा, राज्य को जानवरों के साथ नैतिक व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए, यहां तक कि उन जानवरों के लिए भी जिन्हें मानव उपभोग के लिए मारा जाता है और जिन्हें खेत के जानवरों के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसमें परिवहन का तरीका भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार ने कहा कि जून, 2022 में इस संबंध में विस्तृत उपाय किए गए हैं और बार-बार निर्देशों का पालन किया गया है।

जनहित याचिका गौ ज्ञान फाउंडेशन द्वारा दायर की गई थी, जो गैर-लाभकारी संगठन है। यह संगठन गायों को बचाने, संरक्षित करने के लिए काम करता है। यह मामला उन जानवरों के उपचार से संबंधित है जिन्हें मानव उपभोग और राज्य भर में जानवरों को मारा जाता है। 

खंडपीठ ने कहा कि केंद्रीय अधिनियमन और स्थानीय नियम होने के बावजूद याचिकाकर्ता ने दिखाया है कि अधिकांश दिशानिर्देशों और मानदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है और स्थानीय स्तर की समितियां काम नहीं कर रही हैं। पीठ ने कहा, 'उम्मीद है कि इस तरह की खामियों पर ध्यान दिया जाएगा और राज्य पशुओं के साथ अधिक नैतिक व्यवहार सुनिश्चित करेगा, भले ही उन्हें मानव उपभोग के लिए मार दिया जाए।'


पीठ ने कहा कि एक पहलू जो बचा है वह यह है कि कैसे जानवरों के शवों को सड़क के किनारे की दुकानों में निर्लज्जता से प्रदर्शित किया जाता है, कभी-कभी खुले में सूअरों के सिर काटे जाते हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed