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मेघालय : पूर्व विधायक दोरफांग नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी, कोर्ट ने सुनाई 25 साल की सजा
Wed, 25 Aug 2021 04:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी
शिलांग, पीटीआई
शिलांग, पीटीआई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 25 Aug 2021 04:38 PM IST
सार
मेघालय में पूर्व विधायक दोरफांग को एक नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी माना गया है। कोर्ट ने उन्हें सख्त सजा से दंडित किया है।
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जेल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
विस्तार
मेघालय के पूर्व विधायक जूलियस दोरफांग को री-भोई जिले की एक विशेष अदालत ने 2017 में विधायक रहते हुए एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में 25 साल जेल की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश फेब्रोनस सिल्कम संगमा ने दोरफांग पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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दोरफांग विद्रोही समूह हिनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) के संस्थापक-अध्यक्ष थे। उन्होंने 2007 में एचएनएलसी के अध्यक्ष के रूप में आत्मसमर्पण किया और 2013 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में महती सीट से चुनाव जीता था। दुष्कर्म की घटना के वक्त वह विधायक थे। अदालत ने 13 अगस्त को दोरफांग को दोषी ठहराया था। मंगलवार को सजा का एलान किया।
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तीन मददगारों को भी उम्रकैद
विशेष अदालत के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि जूलियस दोरफांग को 25 साल जेल की सजा सुनाई गई। उन्हें 15 लाख रुपए का जुर्माना भी भरने को कहा गया है। अदालत ने पीड़िता से दुष्कर्म में तीन मददगारों को भी उम्रकैद की सजा के अलावा एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। ये तीन लोग हैं-दरिशा मैरी खरबमोन, ममोनी परवीन और उनके पति संदीप बिस्वा। इन पर नाबालिग को अपराध के लिए ले जाने और उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए प्रेरित करने का दोषी माना गया।
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इस बीच, पूर्व विधायक दोरफांग के वकील किशोर सीएच गौतम ने कहा कि वह आदेश के खिलाफ मेघालय उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक बीमार हैं। मैं उनके लिए जमानत की मांग करते हुए सजा को निलंबित करने की मांग करूंगा।
बता दें, दोरफांग को दिसंबर 2016 में मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिला पुलिस में एक नाबालिग के साथ एक अवैध कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाते हुए दर्ज शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया था। इसके बाद जनवरी 2017 में री-भोई में एक और शिकायत दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि दोरफांग ने जिले के एक रिसॉर्ट में उसी नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। इन शिकायतों के आधार पर दोरफांग के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। एक मामले में सजा सुनाई गई है, जबकि दूसरा अभी जोवाई की कोर्ट में लंबित है।