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मेघालय: CM संगमा की कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, आईटी पार्क विस्तार को हरी झंडी समेत किन चीजों को मिली मंजूरी?
सार
सरकार का कहना है कि इस संयंत्र से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। यह पहल छह वर्ष पहले शुरू किए गए लाकाडोंग हल्दी मिशन को और मजबूती देगी तथा मेघालय को प्रीमियम गुणवत्ता वाली हल्दी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
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मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा
- फोटो : डिजिटल ब्यूरो
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विस्तार
मेघालय सरकार ने शिक्षा, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और कृषि आधारित उद्योगों को नई गति देने के उद्देश्य से बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना से लेकर आईटी अवसंरचना विस्तार और लाकाडोंग हल्दी के प्रसंस्करण के लिए एकीकृत संयंत्र स्थापित करने तक के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य में सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद सरकार ने न्यू शिलांग के मावखानू क्षेत्र में लगभग 50 एकड़ भूमि रियायती दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि सेंट जेवियर्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन कम होगा। सरकार ने इसे राज्य के युवाओं के भविष्य में निवेश करार दिया है।
ऑर्किड रिसॉर्ट बनेगा पांच सितारा पर्यटन केंद्र
पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने न्यू शिलांग के मावकासियांग स्थित ऑर्किड रिजॉर्ट के लीज समझौते में संशोधन को मंजूरी दी। इसके साथ ही रिसॉर्ट को पांच सितारा श्रेणी में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। नई शर्तों के अनुसार, परियोजना डेवलपर को पांच करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि जमा करनी होगी और वार्षिक कारोबार का चार प्रतिशत हिस्सा मेघालय पर्यटन विकास निगम को देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे निजी निवेश आकर्षित होगा, पर्यटन अवसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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शिलांग टेक्नोलॉजी पार्क में बढ़ेगी आईटी क्षमता
कैबिनेट ने न्यू शिलांग के उमसावली स्थित शिलांग टेक्नोलॉजी पार्क परिसर में दूसरे आईटी पार्क भवन के निर्माण के लिए संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की। मुख्य भवन का निर्माण लगभग पूरा होने के करीब है, जबकि नए प्रस्ताव के तहत अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय परिसर, विस्तारित कैफेटेरिया, आधुनिक सभागार और केंद्रीय वातानुकूलन प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि वैश्विक आईटी और प्रौद्योगिकी कंपनियों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इस अतिरिक्त कार्य पर लगभग 36 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि इससे शिलांग को पूर्वोत्तर के उभरते प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
लाकाडोंग हल्दी के लिए बनेगा एकीकृत प्रसंस्करण संयंत्र
राज्य की पहचान बन चुकी लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कैबिनेट ने पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के थाडमुथलोंग में लगभग 3.97 एकड़ भूमि खरीदने को मंजूरी दी है। यहां 187 करोड़ रुपये की लागत से एक एकीकृत लाकाडोंग हल्दी प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना भारत सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की पहल के तहत विकसित की जा रही है, जिसमें लाकाडोंग हल्दी को मेघालय के प्रमुख उत्पाद के रूप में चिन्हित किया गया है। परियोजना के अधिकांश वित्तपोषण की
जिम्मेदारी केंद्र सरकार उठाएगी, जबकि राज्य सरकार करीब 30 से 35 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
सरकार का कहना है कि इस संयंत्र से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। यह पहल छह वर्ष पहले शुरू किए गए लाकाडोंग हल्दी मिशन को और मजबूती देगी तथा मेघालय को प्रीमियम गुणवत्ता वाली हल्दी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और कृषि आधारित उद्योगों में किए जा रहे ये निवेश मेघालय को पूर्वोत्तर के विकास मॉडल के रूप में उभारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य में सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद सरकार ने न्यू शिलांग के मावखानू क्षेत्र में लगभग 50 एकड़ भूमि रियायती दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि सेंट जेवियर्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन कम होगा। सरकार ने इसे राज्य के युवाओं के भविष्य में निवेश करार दिया है।
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ऑर्किड रिसॉर्ट बनेगा पांच सितारा पर्यटन केंद्र
पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने न्यू शिलांग के मावकासियांग स्थित ऑर्किड रिजॉर्ट के लीज समझौते में संशोधन को मंजूरी दी। इसके साथ ही रिसॉर्ट को पांच सितारा श्रेणी में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। नई शर्तों के अनुसार, परियोजना डेवलपर को पांच करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि जमा करनी होगी और वार्षिक कारोबार का चार प्रतिशत हिस्सा मेघालय पर्यटन विकास निगम को देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे निजी निवेश आकर्षित होगा, पर्यटन अवसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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शिलांग टेक्नोलॉजी पार्क में बढ़ेगी आईटी क्षमता
कैबिनेट ने न्यू शिलांग के उमसावली स्थित शिलांग टेक्नोलॉजी पार्क परिसर में दूसरे आईटी पार्क भवन के निर्माण के लिए संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की। मुख्य भवन का निर्माण लगभग पूरा होने के करीब है, जबकि नए प्रस्ताव के तहत अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय परिसर, विस्तारित कैफेटेरिया, आधुनिक सभागार और केंद्रीय वातानुकूलन प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि वैश्विक आईटी और प्रौद्योगिकी कंपनियों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इस अतिरिक्त कार्य पर लगभग 36 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि इससे शिलांग को पूर्वोत्तर के उभरते प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
लाकाडोंग हल्दी के लिए बनेगा एकीकृत प्रसंस्करण संयंत्र
राज्य की पहचान बन चुकी लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कैबिनेट ने पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के थाडमुथलोंग में लगभग 3.97 एकड़ भूमि खरीदने को मंजूरी दी है। यहां 187 करोड़ रुपये की लागत से एक एकीकृत लाकाडोंग हल्दी प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना भारत सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की पहल के तहत विकसित की जा रही है, जिसमें लाकाडोंग हल्दी को मेघालय के प्रमुख उत्पाद के रूप में चिन्हित किया गया है। परियोजना के अधिकांश वित्तपोषण की
जिम्मेदारी केंद्र सरकार उठाएगी, जबकि राज्य सरकार करीब 30 से 35 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
सरकार का कहना है कि इस संयंत्र से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। यह पहल छह वर्ष पहले शुरू किए गए लाकाडोंग हल्दी मिशन को और मजबूती देगी तथा मेघालय को प्रीमियम गुणवत्ता वाली हल्दी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और कृषि आधारित उद्योगों में किए जा रहे ये निवेश मेघालय को पूर्वोत्तर के विकास मॉडल के रूप में उभारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।