स्पीकर की चेयर से 'सियासी बयान' पर बिफरे थरूर तो अमित शाह ने दिया जवाब
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर नागरिक संशोधन बिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह गांधी, आंबेडकर और स्वामी विवेकानंद का भारत है। गांधी जी समेत अन्य सर्वोच्च नेताओं ने दो देशों की थ्योरी को अस्वीकार नहीं करता और संविधान भी स्वीकार नहीं करता है। अगर ऐसा होता है, तो यह जिन्ना के विचारों की जीत होगी। एक धर्म को तवज्जो देकर आप संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं। थरूर ने कहा कि ये अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, दुनिया में बहुत कम लोकतंत्र हैं और हम एक लोकतंत्र हैं। इस पर पीठसीन मीनाक्षी लेखी ने कहा कि और हमारे पास ही सबसे ज्यादा शरणार्थी भी हैं।
मीनाक्षी लेखी के इतना कहते ही पूरे सदन में हो-हल्ला शुरू हो गया। थरूर समेत पूरे विपक्ष ने इसका विरोध किया। मीनाक्षी लेखी पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने सियासी बयानबाजी की है। इसमें मीनाक्षी लेखी का बीचबचाव करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह को आना पड़ा। उन्होंने कहा कि महोदया (मीनाक्षी लेखी) ने जो भी कहा वो किसी की तरफ में या किसी विरुद्ध नहीं हैं। यह एक तथ्य है और स्पीकर की चेयर पर बैठे व्यक्ति को ऐसा करने का अधिकार है, महोदया ऐसा कर सकती हैं।
इसके बाद विपक्ष शांत हुआ, शशि थरूर ने भी यह बात स्वीकार की। थरूर ने कहा कि हमारे यहां सबसे ज्यादा शरणार्थी हैं, मगर इसे हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। बहुत से लोगों को इस बिल से अलग रखा गया है, जो की गलत है। सरकार का एक ही धर्मग्रंथ होता है, भारत का संविधान और यह बिल इसकी भावना के खिलाफ है।