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भारत ने चीन पर लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप
Thu, 25 Jun 2020 07:04 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 25 Jun 2020 07:04 PM IST
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MEA Spokesperson
- फोटो : ANI (File)
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पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक चीन की सैन्य तैनाती, 15 जून को भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प, क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ाने को आधार बनाकर भारत ने चीन को कठघरे में खड़ा किया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का कहना है कि चीन ने एकतरफा कार्रवाई करके दोनों देशों के बीच में हुए समझौतों, सैन्य कमांडर्स के बीच 5 जून और इसके बाद बनी सहमति का उल्लंघन किया है।
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अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि एक तरफ चीन कहता है कि वह लद्दाख में तनाव कम करने के लिए सहमति को मानेगा, सैनिकों की संख्या घटाएगा, उन्हें पीछे ले जाएगा और इससे उलट वह क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार चीन की यह कोशिश दोनों देशों के बीच में बने विश्वास भरे माहौल के लिए झटके की तरह हैं। उन्होंने कहा कि चीन एकतरफा कार्रवाई करके वास्तविक नियंत्रण रेखा में बदलाव करना चाहता है।
गलवां घाटी क्षेत्र में उसके सैनिकों का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना, गलवां में जमे रहना, सैन्य तैयारी बढ़ाना, इसी का परिचायक है। अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और सद्भाव का पक्षधर है, लेकिन चीन की एकतरफा कार्रवाई को देखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास सैन्य तैयारी करनी पड़ रही है।
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीन के समकक्ष वांग यी और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोह के साथ त्रिपक्षीय चर्चा में चीन से अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन करने की अपील कर चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीमा पर शांति और सद्भाव हमारे द्विपक्षीय रिश्ते पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के भारत-चीन सीमा पर समन्वय और सहयोग के लिए बना कार्यदल अपना काम कर रहा है।
कूटनीति प्रयास जारी हैं और सैन्य कमांडर्स के बीच में भी चर्चा हुई है। हम उम्मीद करते हैं कि चीन दोनों तरफ बन रही सहमति को समझेगा और इसका पालन करेगा।