चीन में फंसे मालवाहक जहाज मामले में विदेश मंत्रालय ने लिया संज्ञान, चीनी दूतावास से चर्चा शुरू
चीन में 13 जून से फंसे दो मालवाहक जहाज एमवी अनास्तासिया और एमवी जग आनंद मामले में विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम हमारे चालक दल के 39 सदस्यों के फंसे होने से चिंतित हैं। भारतीय राजदूत ने व्यक्तिगत रूप से चीन के उप विदेश मंत्री के साथ इस मुद्दे को उठाया है। मंत्रालय ने कहा कि चीनी दूतावास के साथ इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाजा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना संबंधित प्रतिबंधों के कारण, इन बंदरगाहों से चालक दल परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि हमने इस मामले में उनकी अधिक सहायता की उम्मीद करते हैं। हमने चीनी पक्ष के बयानों को नोट किया है। हम उम्मीद करते हैं कि गंभीर मानवीय स्थिति को देखते हुए यह सहायता तत्काल, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी।
Ministry of External Affairs releases statement on status of MV Jag Anand & MV Anastasia that are on anchorage in China; says," given growing stress on crew members and our concern for increasingly difficult conditions for them, these two cases are being pursued vigorously." pic.twitter.com/ldAg6lFWT4
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 1, 2021
भारत सरकार ने मांगी डॉक बदलने की अनुमति
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस अभूतपूर्व स्थिति के कारण चालक दल के सदस्यों पर काफी तनाव है। मंत्रालय ने कहा कि हम अनुरोध करते हैं कि जहाजों को डॉक या चालक दल को बदलने की अनुमति दी जाए। बता दें कि इस मामले में भी चीन कोरोना का बहाना देकर चाल चलने की कोशिश कर रहा है।
चीन ने कहा ऑस्ट्रेलिया के साथ इसका कोई लेना देना नहीं
चीनी दूतावास की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि भारत, चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच मौजूदा हालात का इन सबसे कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन लगातार भारतीय पक्ष के संपर्क में है औऱ जरूरी मदद भी मुहैया कराई जा रही है।