{"_id":"67499c54fbf1fe63f10a3294","slug":"mea-reacted-for-the-first-time-on-adani-case-said-we-hope-will-follow-the-established-procedures-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Adani Row: अदाणी मामले पर MEA ने पहली बार दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत सरकार को इस मुद्दे की जानकारी नहीं दी गई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Adani Row: अदाणी मामले पर MEA ने पहली बार दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत सरकार को इस मुद्दे की जानकारी नहीं दी गई
Fri, 29 Nov 2024 04:20 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 29 Nov 2024 04:20 PM IST
सार
अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में आरोप लगाया गया है कि भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और अन्य ने भारत में सौर ऊर्जा के ठेके लेने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी। हालांकि इस अभियोग में सिर्फ आरोप लगाए गए हैं और आरोपों के संबंध में पुख्ता सबूत नहीं दिए गए हैं।
विज्ञापन
रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी अभियोजकों की ओर से उद्योगपति गौतम अदाणी पर लगाए गए आरोपों को लेकर विदेश मंत्रालय ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि गौतम अदाणी का मामला कानूनी है। इसमें निजी फर्म, व्यक्ति और अमेरिकी न्याय विभाग शामिल हैं। ऐसे मामलों के लिए कुछ तय प्रक्रिया और कानूनी रास्ते हैं। हमें विश्वास है कि इनका पालन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के बारे में भारत सरकार को पहले से सूचित नहीं किया गया था। हमने इस मामले पर अमेरिकी सरकार से कोई बातचीत भी नहीं की है। किसी विदेशी सरकार द्वारा समन/गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए किया गया कोई भी अनुरोध आपसी कानूनी सहायता का हिस्सा है। ऐसे अनुरोधों की योग्यता के आधार पर जांच की जाती है। हमें इस मामले में अमेरिकी पक्ष से कोई अनुरोध नहीं मिला है। यह एक ऐसा मामला है जो निजी संस्थाओं से संबंधित है और भारत सरकार इस समय कानूनी रूप से किसी भी तरह से इसका हिस्सा नहीं है।
विज्ञापन
अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में आरोप लगाया गया है कि भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और अन्य ने भारत में सौर ऊर्जा के ठेके लेने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी। हालांकि इस अभियोग में सिर्फ आरोप लगाए गए हैं और आरोपों के संबंध में पुख्ता सबूत नहीं दिए गए हैं। हालांकि अरबपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर लगे आरोपों को अदाणी समूह ने सिरे से खारिज कर दिया। अदाणी समूह ने बुधवार को कहा कि गौतम अदाणी और उनके भतीजे पर रिश्वतखोरी का कोई आरोप नहीं है। वहीं इस मुद्दे को लेकर संसद में लगातार विपक्ष सरकार को घेर रहा है। इसके चलते लगातार चार बार संसद को स्थगित किया जा चुका है।
विज्ञापन
#WATCH | Delhi: On the Adani indictment issue, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "This is a legal matter involving private firms and individuals and the US Department of Justice. There are established procedures and legal avenues in such cases which we believe would be… pic.twitter.com/w8CCLqU660
— ANI (@ANI) November 29, 2024विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के बारे में भारत सरकार को पहले से सूचित नहीं किया गया था। हमने इस मामले पर अमेरिकी सरकार से कोई बातचीत भी नहीं की है। किसी विदेशी सरकार द्वारा समन/गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए किया गया कोई भी अनुरोध आपसी कानूनी सहायता का हिस्सा है। ऐसे अनुरोधों की योग्यता के आधार पर जांच की जाती है। हमें इस मामले में अमेरिकी पक्ष से कोई अनुरोध नहीं मिला है। यह एक ऐसा मामला है जो निजी संस्थाओं से संबंधित है और भारत सरकार इस समय कानूनी रूप से किसी भी तरह से इसका हिस्सा नहीं है।
विज्ञापन
अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में आरोप लगाया गया है कि भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और अन्य ने भारत में सौर ऊर्जा के ठेके लेने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी। हालांकि इस अभियोग में सिर्फ आरोप लगाए गए हैं और आरोपों के संबंध में पुख्ता सबूत नहीं दिए गए हैं। हालांकि अरबपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर लगे आरोपों को अदाणी समूह ने सिरे से खारिज कर दिया। अदाणी समूह ने बुधवार को कहा कि गौतम अदाणी और उनके भतीजे पर रिश्वतखोरी का कोई आरोप नहीं है। वहीं इस मुद्दे को लेकर संसद में लगातार विपक्ष सरकार को घेर रहा है। इसके चलते लगातार चार बार संसद को स्थगित किया जा चुका है।