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MEA: फुजैराह बंदरगाह से भारतीयों को निकालने की खबर झूठी, विदेश मंत्रालय ने दावे को बताया फर्जी

Mon, 11 May 2026 03:03 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 11 May 2026 03:03 PM IST
सार

विदेश मंत्रालय ने फुजैराह बंदरगाह से भारतीयों को निकालने की खबरों को 'फेक न्यूज' बताया है। मंत्रालय ने साफ किया कि ऐसी कोई योजना नहीं है। 

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MEA flags Fake News on report claiming India-UAE evacuation pact via Fujairah port hindi news
विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के विदेश मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) फुजैराह बंदरगाह के जरिए भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किसी समझौते पर काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने इन दावों को झूठा और निराधार बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मंत्रालय के फैक्ट चेक यूनिट ने इसे फेक न्यूज करार देते हुए कहा कि ऐसी किसी भी योजना का कोई आधार नहीं है और न ही किसी को निकालने की तैयारी की जा रही है।
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दावे में क्या?
मंत्रालय ने जनता से ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि भारत और यूएई एक समझौते की तैयारी कर रहे हैं जिससे फुजैराह बंदरगाह के जरिए लाखों भारतीय कामगारों को सुरक्षित निकाला जा सके। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई को अपनी यूरोप यात्रा के दौरान फुजैराह में रुकेंगे और वहीं इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, पीएम 15 मई को फुजैराह में स्टॉपओवर के साथ यूरोप के लिए रवाना होंगे और फिर स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाने से पहले नीदरलैंड्स के लिए निकलेंगे।
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यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब यूएई में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में सुनाई दी धमाकों की आवाजों पर सफाई दी थी। मंत्रालय ने बताया कि यह आवाजें दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की सैन्य कार्रवाई के कारण थीं। वहां की राष्ट्रीय आपातकालीन संस्था ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। फरवरी के अंत से ही क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है। हालांकि 8 अप्रैल को युद्धविराम की बात हुई थी, लेकिन क्षेत्रीय तनाव अब भी जारी है।

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विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यूएई की मंत्री की मुलाकात
इसी बीच, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। विदेश सचिव ने निवेश और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए मुबादला इन्वेस्टमेंट कंपनी के सीईओ से भी बातचीत की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे।

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