MCD Result: लेखी-बिधूड़ी और हंसराज के गढ़ में डूबी भाजपा की लुटिया, जानें सातों लोकसभा सीटों पर कैसे रहे नतीजे
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विस्तार
दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजों का एलान हो चुका है। 250 में से 134 सीटें जीतकर आम आदमी पार्टी एमसीडी की सत्ता पर काबिज हो गई है, जबकि भाजपा 104 सीटें ही जीत सकी। कांग्रेस का हाल सबसे खराब रहा। उसकी झोली में महज नौ सीटें ही आईं, जबकि तीन सीटों पर निर्दलियों ने जीत हासिल की। ऐसे में भाजपा की हार चौंकाने वाली है, क्योंकि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटें भगवा पार्टी के खाते में दर्ज हैं। इस रिपोर्ट में हम जानते हैं कि भाजपा के किस सांसद के क्षेत्र में पार्टी एमसीडी की कितनी सीटें जीत सकी और कहां उसकी लुटिया डूब गई।
बिधूड़ी के गढ़ में भाजपा बेहाल
सबसे पहले हम दक्षिण दिल्ली का रुख करते हैं। यहां रमेश बिधूड़ी सांसद हैं। उनके क्षेत्र में दिल्ली नगर निगम की 37 सीटें आती हैं, लेकिन यहां भाजपा का हाल बेहाल रहा। दक्षिण दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने 23 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा सिर्फ 13 सीटों पर ही कब्जा जमा पाई। यहां कांग्रेस के खाते में एक ही सीट गई।
| रमेश विधूड़ी, दक्षिण दिल्ली (37 सीटें) | |
| भाजपा | 13 |
| आप | 23 |
| कांग्रेस | 01 |
| अन्य | 00 |
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में भी नहीं दिखी लहर
हंसराज हंस के क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में भी भाजपा की लहर नजर नहीं आई। इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एमसीडी की 43 सीटों में से भाजपा सिर्फ 14 सीटें ही जीत सकी। वहीं, आम आदमी पार्टी ने एकतरफा अंजदाज में 27 सीटों पर कब्जा जमा लिया। यहां एक सीट कांग्रेस तो एक सीट निर्दलीय के खाते में गई।
| हंसराज हंस, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली (43 सीटें) | |
| भाजपा | 14 |
| आप | 27 |
| कांग्रेस | 01 |
| अन्य | 01 |
लेखी नहीं बचा पाईं भाजपा की लाज
नई दिल्ली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एमसीडी की 25 सीटों पर भाजपा की हालत बेहद खराब रही। इस क्षेत्र की सांसद मीनाक्षी लेखी भी भाजपा की लाज नहीं बचा पाईं। दरअसल, पार्टी ने 25 में से सिर्फ पांच सीटें अपने नाम कीं, जबकि बाकी 20 सीटें आम आदमी पार्टी की झोली में चली गईं। यहां कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका।
| मीनाक्षी लेखी, नई दिल्ली (25 सीटें) | |
| भाजपा | 05 |
| आप | 20 |
| कांग्रेस | 00 |
| अन्य | 00 |
प्रवेश भी नहीं बचा पाए सम्मान
2019 लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी दिल्ली में भाजपा की धाक जमाने वाले प्रवेश साहिब सिंह वर्मा इस बार पार्टी का सम्मान नहीं बचा पाए। इस क्षेत्र में एमसीडी की 38 सीटें आती हैं, जिनमें भाजपा सिर्फ 13 पर ही जीत हासिल कर सकी। वहीं, 24 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने अपना परचम फहराया। इसके अलावा एक सीट कांग्रेस की झोली में गई।
| प्रवेश वर्मा, पश्चिमी दिल्ली (38 सीटें) | |
| भाजपा | 13 |
| आप | 24 |
| कांग्रेस | 01 |
| अन्य | 00 |
पूर्वी दिल्ली में बची साख
पहले 2019 के लोकसभा चुनाव और 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्वी दिल्ली में भाजपा की साख बरकरार रखने वाले गौतम गंभीर का जलवा एक बार फिर नजर आया। पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एमसीडी की 36 सीटों में से भाजपा ने 22 पर जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी 11 सीटें ही अपनी झोली में डाल सकी। यहां कांग्रेस ने तीन सीटें जीतीं।
| गौतम गंभीर, पूर्वी दिल्ली (36 सीटें) | |
| भाजपा | 22 |
| आप | 11 |
| कांग्रेस | 03 |
| अन्य | 00 |
चांदनी चौक में कांटे की टक्कर
डॉ. हर्षवर्धन के क्षेत्र चांदनी चौक में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर रही। इस क्षेत्र के अंतर्गत एमसीडी की 30 सीटों पर मुकाबला हुआ, जिनमें 16 पर भाजपा ने जीत हासिल की और आम आदमी पार्टी 14 सीटें जीत सकी। यहां कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला।
| डॉ. हर्षवर्धन, चांदनी चौक (30 सीटें) | |
| भाजपा | 16 |
| आप | 14 |
| कांग्रेस | 00 |
| अन्य | 00 |
मनोज तिवारी के गढ़ में भी रोचक मुकाबला
लोकसभा सीटों के हिसाब से प्रदर्शन देखा जाए तो उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भी रोचक मुकाबला नजर आया। सांसद मनोज तिवारी के क्षेत्र में एमसीडी की 41 सीटें आती हैं, जिनमें भाजपा 20 सीटें जीतने में सफल रही। यहां आम आदमी पार्टी के खाते में 15 सीटें गईं, जबकि पांच सीटें कांग्रेस ने जीती। इसके अलावा एक सीट निर्दलीय की झोली में गई।| मनोज तिवारी, उत्तर-पूर्वी दिल्ली (41 सीटें) | |
| भाजपा | 20 |
| आप | 15 |
| कांग्रेस | 05 |
| अन्य | 01 |