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दिल्ली के डॉक्टरों ने किया दुनिया के सबसे वजनी बच्चे का ऑपरेशन, जंक फूड खाने का है शौकीन

Tue, 03 Jul 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 03 Jul 2018 10:27 AM IST
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Max Hospital operates the heaviest teen of the world whose weight was 237 kilo
मिहिर जैन

दिल्ली के उत्तम नगर में रहने वाले मिहिर जैन दुनिया के सबसे वजनी बच्चे थे। उनके माता-पिता कुछ महीने पहले उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल में वजन घटाने की सर्जरी के लिए लेकर पहुंचे। वह इतने मोटे थे कि ठीक तरह से खड़े भी नहीं हो पाते थे। जब उसका वजन किया गया तो वह 237 किलो का निकला। डॉक्टर प्रदीप चौबे एक वरिष्ठ बेरिएट्रिक सर्जन (मोटापे का इलाज) ने उसका ऑपरेशन किया। उन्होंने कहा कि मिहिर दुनिया के सबसे वजनी बच्चे हैं जिन्हें कि गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी से गुजरना पड़ा।

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चौबे ने कहा, 'जब मैंने पहली बार उसे देखा तो मुझे खुद पर विश्वास नहीं था कि मैं सफलतापूर्वक उसका ऑपरेशन कर पाउंगा।' वह बहुत ज्यादा वजनी था। मां पूजा जैन ने बताया कि जब मिहिर का नवंबर 2003 में जन्म हुआ तो उसका वजन केवल 2.5 किलो था। लेकिन जल्द ही उसका वजन बढ़ना शुरू हो गया। जब मिहिर पांच साल का हुआ तो उसका वजन 60-70 किलो था। उन्होंने कहा, 'हमारे घर के सभी सदस्य मोटे हैं इसलिए हमने उस समय इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन एक समय आया जब वह वजन ज्यादा होने की वजह से ठीक तरह से चल भी नहीं पाता था। उसने दूसरी क्लास के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया और मुझे उसे घर में पढ़ाना पड़ा।' 
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परिवार ने पहली बार साल 2010 में चिकित्सीय मदद ली थी लेकिन उस समय डॉक्टरों का कहना था कि लड़का सर्जरी के लिहाज से काफी युवा है। मिहिर का कहना है, 'पास्ता उसे पहले नंबर पर और पिज्जा दूसरे नंबर पर पसंद है। मैं घर में ज्यादातर समय लेटे हुए या बैठे हुए बिताता हूं।' डॉक्टर चौबे ने शुरुआत में लड़के को वेरी लो कैलोरी डाइट (वीएलसीडी) पर रखा क्योंकि उन्हें सर्जरी के सफल होने का विश्वास नहीं था। जैन की सामान्य डाइट में 2,500 से 3000 कैलोरी होती हैं जबकि वीएलसीडी में उसे केवल 800 कैलोरी दी जाती थी। 
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डॉक्टरों को लगा था कि जैन इतनी कड़ी डाइट को फॉलो नहीं कर पाएगा और परिवार दोबारा अस्पताल नहीं आएगा। डॉक्टर चौबे ने कहा, मुझे उस समय आश्चर्य हुआ जब चार हफ्तों बाद मिहिर दोबारा अस्पताल आया। उसने 10 किलो वजन घटा लिया था। मैं उसकी निष्ठा से खुश हुआ और उसे वही डाइट अगले दो महीनों तक लेने का सुझाव दिया। जिसके कारण उसका वजन 196 किलो पर आ गया। इसके बाद हमें अहसास हुआ कि और वजन घटाने के लिए हमें सर्जरी करनी पड़ेगी और केस को अप्रैल में ऑपरेशन के लिए रख दिया।


डॉक्टरों ने बताया कि जैन की पसलियों के ऊपर 10-12 इंज फैट की परत जमी थी जिसकी वजह से ऑपरेशन करने में दिक्कत हुईं। ढाई घंटे चले ऑपरेशन में मिहिर का गैस्ट्रिक बाईपास किया गया। डॉ़क्टरों का कहना है कि वह एक हफ्ते में उसे छुट्टी दे देंगे। हालांकि उसे सख्त डाइट पर ही रहने को कहा गया है। मिहिर की मां का कहना है कि उन्हें इससे शारीरिक तौर पर फिट रहने और जंक फूड से परहेज करने का सबक मिला है। अब वह अपनी बेटी को ठीक तरह का खान-पान करना सिखाएंगी।

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