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दार्जिलिंग: शहीद कैप्टन ब्रिजेश थापा पंचतत्व में विलीन, पिता बोले- दूसरा बेटा होता तो उसे भी सेना में भेजता
सार
जम्मू-कश्मीर के डोडा में मंगलवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 27 वर्षीय सेना कैप्टन ब्रिजेश थापा शहीद हो गए थे। अपने बेटे की वीरता पर गर्व से भरे सेवानिवृत्त कर्नल भुवनेश थापा ने कहा कि अगर उनके पास दूसरा बेटा भी होता तो वह उसे भी सेना में भर्ती होने के लिए भेजते। आज मेरे बेटे ब्रिजेश के बलिदान से मेरा दिल गर्व से चौड़ा हो गया है।
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शहीद कैप्टन ब्रिजेश थापा के परिजनों को तिरंगा देते सेना के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के डोडा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए कैप्टन ब्रिजेश थापा का शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कैप्टन थापा का पार्थिव शरीर गुरुवार को दार्जिलिंग स्थित उनके पैतृक गांव बारा गिंग लाया गया। शुक्रवार सुबह अश्रुपूरित विदाई दी गई। परिवार के सदस्य, ग्रामीण, विभिन्न संगठनों के सदस्य और भारतीय सेना के जवान देश के लिए उनके बलिदान का सम्मान करते हुए शहीद कैप्टन ब्रिजेश थापा को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हुए।
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उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में मंगलवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 27 वर्षीय सेना कैप्टन शहीद हो गए थे। अपने बेटे की वीरता पर गर्व से भरे सेवानिवृत्त कर्नल भुवनेश थापा ने कहा कि अगर उनके पास दूसरा बेटा भी होता तो वह उसे भी सेना में भर्ती होने के लिए भेजते। उन्होंने कहा, आज मेरे बेटे ब्रिजेश के बलिदान से मेरा दिल गर्व से चौड़ा हो गया है।
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कैप्टन के पैतृक गांव बड़ा गिंग में उनके अंतिम संस्कार में रिश्तेदार, पूर्व सैनिक, सेना के जवान और राजनीतिक नेताओं सहित सैकड़ों लोग एकत्र हुए थे। सेना ने कैप्टन को अंतिम सम्मान देने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष बिमल गुरुंग, हामरो पार्टी के अध्यक्ष अजॉय एडवर्ड्स और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के अध्यक्ष अंजुल चौहान और भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के एक वरिष्ठ नेता सहित पहाड़ियों के राजनीतिक नेता उनके अंतिम सम्मान के लिए उपस्थित थे।
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