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यूपी में अब चंद घंटों में हो जाएगा विवाह पंजीकरण, वह भी घर बैठे

Thu, 15 Jun 2017 03:49 PM IST
amarujala.com- Submitted By: अभिषेक तिवारी
amarujala.com- Submitted By: अभिषेक तिवारी Updated Thu, 15 Jun 2017 03:49 PM IST
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Marriage registration will be done in a few hours in Uttar Pradesh
विवाह पंजीयन - फोटो : अमर उजाला

शादी के बाद विवाहित जोड़ों का अरमान होता है कि वे देश- विदेश के किसी रमणीक स्थल पर हनीमून मनाएं। इसके लिए जोड़े शादी तय होते ही योजना बनाने में जुट जाते हैं। कोई सिंगापुर तो कोई स्विट्जरलैंड तो कोई लंदन अथवा पेरिस जाने की प्लानिंग तैयार करता है। लेकिन ऐन मौके पर विदेश दौरे के लिए विवाह पंजीयन की अनिवार्यता समस्या बनकर सामने आ जाती है।

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इससे नवयुगलों को मन मसोस कर महीनों तक पंजीयन के लिए दौड़भाग करनी पड़ जाती है। इस चक्कर में कइयों का तो विदेश में हनीमून ट्रिप का अरमान ढह जाता है या फिर महीनों इंतजार को विवश होना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा। नवयुगल आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से आधार कार्ड की पतवार पर चंद घंटों में ही अपने विवाह का पंजीयन करा सकेंगे। 

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यह होगी प्रक्रिया-

Marriage registration will be done in a few hours in Uttar Pradesh
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उत्तर प्रदेश सरकार की ‘आईजीआरएसयूपी डाट जीओवी डाट इन’ पर जाइए। दूल्हा व दुल्हन अपने अपने आधार नंबर वेबसाइट पर जाने के बाद आप विकल्प चुने आधार कार्ड बेस्ड आवेदन। क्लिक करते ही कंप्यूटर आपसे आधार नंबर पूछेगा। आधार नंबर डालते ही आपके मोबाइल पर कंप्यूटर से वन टाइम पासवर्ड भेजा जाता है। इसे डालते ही दूल्हा एवं दुल्हन के परिवार का पूरा विवरण वेबसाइट पर होगा। इसके बाद दूल्हा एवं दुल्हन जिस जिस जिले में रहते हों, उसका नाम, तहसील का नाम और विवाह स्थल दर्ज करना होगा। सारा विवरण मैच करते ही वैवाहिक प्रमाणपत्र स्वत: जारी हो जाएगा, वह भी घर बैठे। बगैर किसी वेरिफिकेशन के। वे इसका प्रिंट निकलवाकर इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। 


 

 अब तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया-

Marriage registration will be done in a few hours in Uttar Pradesh
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अब तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में विवाहित जोड़े को संबंधित वेबसाइट पर अपना विवरण दर्ज करने के बाद आवेदन करना होता था। आवेदन के बाद एक आवेदन नंबर मिलता था। आवेदन नंबर एवं आवेदन का प्रिंट साथ में लगाकर मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करना होता था। कार्यालय के अफसर जांच कराते थे। शादी का कार्ड, शादी के फोटो के साथ दोनों पक्षों के शादी के कार्ड भी लगाने होते थे। इस प्रक्रिया में महीनों लग जाते थे, अगर आपत्ति आ जाए तो कभी कभी प्रमाणपत्र बन ही नहीं पाता था।  


शादी प्रमाणपत्र की अन्य उपयोगिताएं-
- कई स्कूलों में माता- पिता के फोटो के साथ मांगा जाता है विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र 
- सरकारी योजनाओं में व्यवसाय करने के लिए भी मांगा जाता है विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र  
- पति और पत्नी के संयुक्त बैंक खाते के लिए भी विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र मांगा जाता है 
- अपने और पत्नी के नाम से घर के लिए ऋण लेते हैं तो विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र आवश्यक
- पति-पत्नी के नाम से संयुक्त व्यवसाय होने पर कर चुकाने के लिए भी है प्रमाणपत्र जरूरी
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