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Pune: सरकार के प्रतिनिधि बनकर जरांगे से मिलने पहुंचे मराठवाड़ा के संभागीय आयुक्त, मराठा आरक्षण पर बातचीत जारी
Thu, 25 Jan 2024 01:15 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 25 Jan 2024 01:15 PM IST
सार
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठवाड़ा के संभागीय आयुक्त ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे से मुलाकात की। जरांगे ने राज्य सरकार के खिलाफ अपनी पदयात्रा शुरू कर दी है।
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मनोज जरांगे
- फोटो : Social Media
विस्तार
मराठवाड़ा के संभागीय आयुक्त सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर पुणे के लोनावला में मराठा आरक्षण के कार्यकर्ता मनोज जरांगे से मुलाकात कर रहे हैं। मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे ने अपनी पदयात्रा शुरू कर दी है।
राज्य सरकार को दी थी चेतावनी
पदयात्रा शुरू करने के दौरान उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी थी कि वह मुंबई तक अपनी मार्च जारी रखेंगे। उन्होंने इसी के साथ दावा किया कि महाराष्ट्र में अब तक 54 लाख रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे पता चला है कि मराठा समुदाय के सदस्य कुनबी (अन्य पिछड़ा वर्ग उपजाति) समुदाय के हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी की। जरांगे ने 20 जनवरी को हजारों समर्थकों के साथ जालना जिले से मुंबई के लिए मार्च निकाला था। उनकी मांग है कि राज्य सरकार की ओर से नौकरियों और शिक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समूह के तहत मराठों को आरक्षण दिया जाए।
मुंबई में होगा पदयात्रा का समापन
कई वाहनों के साथ यह मार्च बुधवार को मुंबई के लिए पुणे शहर से गुजरा। इसका समापन 26 जनवरी को मुंबई में ही होगा। पुणे पुलिस ने सड़क यातायात के मार्ग में बदलाव किया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठों को आरक्षण देने में राज्य सरकार के विफल रहने पर जरांगे ने 26 जनवरी से मुंबई में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी।
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राज्य सरकार को दी थी चेतावनी
पदयात्रा शुरू करने के दौरान उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी थी कि वह मुंबई तक अपनी मार्च जारी रखेंगे। उन्होंने इसी के साथ दावा किया कि महाराष्ट्र में अब तक 54 लाख रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे पता चला है कि मराठा समुदाय के सदस्य कुनबी (अन्य पिछड़ा वर्ग उपजाति) समुदाय के हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी की। जरांगे ने 20 जनवरी को हजारों समर्थकों के साथ जालना जिले से मुंबई के लिए मार्च निकाला था। उनकी मांग है कि राज्य सरकार की ओर से नौकरियों और शिक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समूह के तहत मराठों को आरक्षण दिया जाए।
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मुंबई में होगा पदयात्रा का समापन
कई वाहनों के साथ यह मार्च बुधवार को मुंबई के लिए पुणे शहर से गुजरा। इसका समापन 26 जनवरी को मुंबई में ही होगा। पुणे पुलिस ने सड़क यातायात के मार्ग में बदलाव किया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठों को आरक्षण देने में राज्य सरकार के विफल रहने पर जरांगे ने 26 जनवरी से मुंबई में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी।
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