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तेलंगाना में माओवादी आंदोलन खत्म होने की कगार पर: डीजीपी ने बताया सिर्फ 17 एक्टिव कैडर बचे

Tue, 06 Jan 2026 11:23 AM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 06 Jan 2026 11:23 AM IST
सार

तेलंगाना में माओवादी आंदोलन अपने आखिरी दिन चल रहे हैं। भर्ती पर पूरी तरह रोक और बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण की वजह से इस प्रतिबंधित संगठन के पूरी तरह खत्म होने की नौबत आ गई है।

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Maoist activity in its last leg in Telangana: DGP Reddy
तेलंगाना में माओवादी आंदोलन कमजोर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

तेलंगाना में माओवादी आंदोलन अब कमजोर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस और सरकार की कार्यवाई के बाद अब यह अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। भर्ती में रोक और आत्मसमर्पण के कारण यह प्रतिबंधित संगठन के पूरी तरह खत्म हो रहा है। इसकी एक वजह खतरनाक नक्सली माड़वी हिडमा की हत्या भी मानी जा रही है। 

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राज्य के पुलिस प्रमुख बी. शिवधर रेड्डी के अनुसार कड़े प्रतिबंधो के कारण राज्य में माओवादी गतिविधि कमजोर हो रही है। नई भर्ती की कमी जैसे कारणों से यह संगठन खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने बताया 2025 में राज्य में 500 से ज़्यादा उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, और प्रतिबंधित संगठन में सिर्फ 17 तेलंगाना के मूल निवासी बचे हैं। उनमें से आधे से ज़्यादा 50 साल से ज़्यादा उम्र के हैं। संगठन में कोई नई भर्ती नहीं हो रही है। नई भर्ती पूरी तरह से बंद हो गई है।

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माओवादियों को समझाने की कोशिश जारी 

शिवधर रेड्डी ने बताया तेलंगाना पुलिस माओवादियों के परिवार वालों और दोस्तों को समझाने की कोशिश कर रही है। उन्हें मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जा रही है ताकी वे आत्मसमर्पण करें। फिलहाल, देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले तेलंगाना के सिर्फ 17 एक्टिव अंडरग्राउंड कैडर हैं। माओवादी की केंद्रीय समिति के सात सदस्यों में से चार इसी राज्य के हैं।
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बादसे सुक्का के आत्मसमर्पण से माओवादियों को झटका

माओवादी संगठन को बादसे सुक्का उर्फ देवा के अत्मसमर्पण करने के बाद बड़ा झटका लगा। वह पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी बटालियन का कमांडर था। उसने 19 अंडरग्राउंड कैडर के साथ 3 जनवरी को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।  आत्मसमर्पण करने वाले ग्रुप ने पुलिस को एके-47 राइफलें, आईएनएसएएस राइफलें, ग्रेनेड और हेलीकॉप्टर शॉट के साथ-साथ अलग-अलग कैलिबर के 2,206 राउंड गोला-बारूद शामिल थे।


 
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