Planets: दुनियाभर में होने वाली हैं कई दुर्लभ खगोलीय घटनाएं, शनि और उसका छल्ला होगा धरती के करीब
27 अगस्त को हम अपनी आंखों से शनि ग्रह और उसके छल्ले को पृथ्वी के करीब देख पाएंगे। इस दिन शनि ग्रह सूर्य के बिल्कुल उल्टा और धरती के बिल्कुल नजदीक होगा। पृथ्वी पर रहने वाले लोग इस खगोलीय दृश्य के साक्षी बनेंगे।
विस्तार
अगस्त के महीने में दुनियाभर में कई दुर्लभ खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं। खगोलविदों के मुताबिक, ऐसे नजारे कई हजार वर्षों में सिर्फ एक बार ही देखने को मिलते हैं। इस दौरान सुपरमून के साथ-साथ सूर्य और शनि की जुगलबंदी होगी। शनि ग्रह भी अपने छल्ले के साथ नजर आएगा। नासा के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में लोग इन खगोलीय घटनाओं को देख पाएंगे। आइए जान लेते हैं विस्तार से...
18 अगस्त को नहीं दिखेगी परछाई
खोगलविदों के मुताबिक, 18 अगस्त को दुनिया में नो शैडो डे मनाया जाएगा। जिसका अर्थ है किसी भी तरह की परछाई न दिखना। इस दिन सूर्य धरती के ठीक ऊपर होगा। इस दौरान किसी भी चीज की परछाई नहीं बनती। इस दौरान कई देशों में लोगों को किसी भी चीज की परछाई नहीं दिखाई देगी। आप सोच रहे हैं कि इस दिन हमारी परछाई बिल्कुल गायब हो जाती है तो आप गलत है। इस दिन सूर्य की किरणे लंबवत पड़ती हैं। जिस वजह से हमारी परछाई इधर-उधर न बनकर बिलकुल हमारे पैरों के नीचे बनती है और यही कारण है कि वो हमें दिखाई देती।
27 अगस्त को शनि और उसके छल्ले पृथ्वी के करीब होंगे
इस दिन हम अपनी आंखों से शनि ग्रह और उसके छल्ले को पृथ्वी के करीब देख पाएंगे। इस दिन शनि ग्रह सूर्य के बिल्कुल उल्टा और धरती के बिल्कुल नजदीक होगा। पृथ्वी पर रहने वाले लोग इस खगोलीय दृश्य के साक्षी बनेंगे। ये बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो कई वर्षों के बाद देखने को मिलती है।
30 अगस्त को नजर आएगा सुपरमून
30 अगस्त को नजर आने सुपरमून को ‘ब्लू मून’ भी कहा जा रहा है। ‘ब्लू मून’ का अर्थ ये नहीं कि आसमान में चंद्रमा का रंग नीला हो जाएगा। दरअसल, जब एक महीने में दो पूर्णिमा पड़ती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा वाले सुपरमून को ब्लू मून कहा जाता है। ब्लू मून की घटना करीब ढाई साल में एक बार घटती है। इससे पहले ब्लूमून 22 अगस्त 2021 में देखा गया था। इससे पहले एक अगस्त को ब्लू मून देखा गया था। ये सभी दुर्लभ खगोलीय घटनाएं है, जो कई वर्षों के बाद देखने को मिलेंगी।