{"_id":"5b6756cb4f1c1bac7d8b68f0","slug":"many-judges-of-the-supreme-court-annoyed-by-lowering-seniority-of-justice-joseph","type":"story","status":"publish","title_hn":"जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता घटाने से सुप्रीम कोर्ट के कई जज नाराज, आज सीजेआई से करेंगे मुलाकात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता घटाने से सुप्रीम कोर्ट के कई जज नाराज, आज सीजेआई से करेंगे मुलाकात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
जस्टिस के.एम. जोसेफ।
उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के.एम. जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए जाने के बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता को घटाने के केंद्र सरकार के फैसले से उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम के कुछ सदस्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट के कई जज नाखुश हैं। न्यायमूर्ति जोसेफ तथा दो अन्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति की अधिसूचना जारी हुई है।
विज्ञापन
शुक्रवार को जारी सरकार की अधिसूचना में जस्टिस जोसेफ का नाम उनके साथ सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए दो अन्य जजों जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस विनीत सरन के बाद रखा गया है। इससे जस्टिस जोसेफ के सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस बनने और किसी पीठ की अध्यक्षता करने की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि कॉलेजियम में शामिल कुछ जज आज चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मुलाकात कर सरकार के फैसले पर अपनी नाराजगी से अवगत कराएंगे। ये जज सीजेआई मिश्रा से शपथ ग्रहण समारोह से पहले इस मामले में सुधारात्मक कदम उठाने की मांग कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए तीनों जज मंगलवार (7 अगस्त) को शपथ ग्रहण कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों का कहना है कि इस मुद्दे पर वे भी सीजेआई से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
जस्टिस जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को लेकर पांच सदस्यीय कॉलेजियम और केंद्र सरकार के बीच पिछले कई महीनों से मतभेद चल रहे थे। उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जोसेफ ने 2016 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र के फैसले को रद्द कर दिया था। उत्तराखंड में उस समय कांग्रेस की सरकार थी। कॉलेजियम ने 10 जनवरी को उनके नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए की थी लेकिन सरकार ने उनका नाम कॉलेजियम को लौटा दिया था।