सवाल: कैसे हुई एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो के मालिक की मौत, एटीएस करेगी जांच
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मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो के मालिक और ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत मामले की गुत्थी उलझती ही जा रही है। शुक्रवार को मनसुख हिरेन का शव संदिग्ध अवस्था में ठाणे की खाड़ी में मिला था। पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का लग रहा है। वहीं उनके परिवार ने उनकी हत्या का आरोप लगाया। महाराष्ट्र सरकार ने मनसुख की मौत के मामले की जांच एटीएस से कराने का फैसला लिया है। उधर, ठाणे के जोन-1 डीएसपी अविनाश अंबुरे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हिरेन के परिवार वालों को सौंप दी गई है।
मनसुख के परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनसुख हिरेन को मार कर डुबाया गया है।मनसुख के परिजनों के मुताबिक, मनसुख की लास्ट मोबाइल लोकेशन पालघर जिले का विरार इलाका था, जबकि उनका शव ठाणे की खाड़ी में मिला। दोनों लोकेशन में इतना अंतर कैसे हो सकता है। परिवार का आरोप है कि यह बड़ी साजिश है। मनसुख के पड़ोसियों ने भी बताया कि वो सोसायटी के बच्चों को तैरना सिखाते थे, पानी में नहीं डूब सकते। बता दें कि मनसुख हिरेन गुरुवार से गायब थे। परिवार के लोग शुक्रवार को थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। तभी थाने में खबर आई कि ठाणे की खाड़ी में एक शव मिला है, जो पानी में फूल गया था। पुलिस उनके परिवार को लेकर वहां पहुंची और शव की शिनाख्त कराई गई।
मामले की जांच एनआईए से कराई जाए :फडणवीस
मनसुख का शव मिलने से करीब एक घंटे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में स्कॉर्पियो चोरी का मुद्दा उठाया था। फडणवीस ने मामले में जांच अधिकारी रहे मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड (सीआईयू) सचिन वझे की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है। उन्होंने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से करवाने की मांग की है। वहींमहाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच एटीएस को सौंप दी है।
शिवसेना बोली, मुंबई पुलिस सच्चाई सामने लाने में सक्षम
फडणवीस की मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि मनसुख हिरने की मौत के मामले और अंबानी के घर के बाहर मिली स्कॉर्पियो मामले की जांच करने में मुबई पुलिस सक्षम है। केवल एनआईए ही नहीं जो, मामले की जांच कर सच्चाई पता लगा सके।
कौन है एपीआई सचिव वाझे
वर्ष 1972 में पैदा हुए वाझे महाराष्ट्र पुलिस फोर्स में कार्यरत हैं, जिन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है। बताया जाता है कि वे जब एक एनकाउंटर स्क्वॉड को लीड करते थे, तब उन्होंने 63 क्रिमिनल्स का एनकाउंटर किया था। वर्ष 1990 में वाझे ने महाराष्ट्र पुलिस फोर्स सब-इंस्पेक्टर के तौर पर जॉइन किया था, जिन्होंने कई ऐसे क्रिमिनल्स को मारा, जिनके कनेक्शन छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम गैंग से थे।
मनसुख ने सीएम को लिखी चिट्ठी में खुद को बताया था पीड़ित
इस बीच, मनसुख हिरेन का 2 मार्च को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृह मंत्री अनिल देशमुख और मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को लिखी गई एक चिट्ठी सामने आई है। इसमें हिरेन ने लिखा है कि उन्हें पुलिस और मीडिया की तरफ से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आगे लिखा है कि बार-बार एक ही तरह का सवाल किया जा रहा था। मनसुख ने आरोप लगाया था कि वे इस केस में एक पीड़ित हैं, लेकिन उनके साथ आरोपी जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
दोनों मामलों की जांच करेगी एटीएस
मुकेश अंबानी को धमकी मामले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी टेरर स्क्वाड (एटीएस) की तरफ से की जाएगी। पहले केवल मनसुख हिरेन की मौत की जांच ही महाराष्ट्र एटीएस को सौंपी गई थी। अब इन दोनों ही मामलों की जांच राज्य एटीएस करेगी। अंबानी के घर के पास पिछले दिनों एक स्कॉर्पियो बरामद हुई थी, जिसमें जिलेटिन की 20 छड़ें थीं। इसके बाद 5 मार्च को गाड़ी के मालिक मनसुख का शव बरामद हुआ।