मन्नान प्रकरण : जो छात्र ही नहीं, उनको भी एएमयू प्रशासन ने जारी किया नोटिस
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की भी गजब कहानी है। सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में मारे गए आतंकी मन्नान वानी की जनाजे की नमाज पढ़ने की कोशिश एवं बवाल के मामले में उन लोगों को भी नोटिस दे दिया गया है, जो एएमयू के अब छात्र ही नहीं हैं। इस भूल का अंदाजा होने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों को इस भूल से अवगत करा दिया गया है कि ताकि किसी बेगुनाह के साथ अन्याय न हो।
दो दिन पहले एएमयू प्रशासन द्वारा पीरजादा दानिश साबिर, एयाज अहमद भट्ट, मो. सुल्तान खान, रकीब सुल्तान, समीउल्ला रॉदर, शौकत अली लान एवं पीरजादा मेहबुबुल हक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया था। दिलचस्प पहलू यह है कि इन सात नामों में से 4-5 नाम ऐसे हैं, जो एएमयू से पास आउट हो चुके हैं और वर्तमान समय में एएमयू के छात्र नहीं हैं।
जिनको भेजा नोटिस उनमें दो कर रहे हैं नौकरी
सूत्रों से मालूम हुआ है कि इसमें से दो पूर्व छात्र वर्तमान समय में नौकरी कर रहे हैं। एएमयू के अधिकारियों का कहना है कि प्रॉक्टर ऑफिस के कर्मचारियों द्वारा गलत रिपोर्ट देने के कारण यह भूल हुई है। बेगुनाह युवकों के साथ नाइंसाफी न हो, इसके लिए एएमयू के अधिकारियों ने पूरे प्रकरण से पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
हालांकि, इस संबंध में कोई खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। एएमयू पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रो शाफे किदवई भी इससे बेखबर हैं। उनका कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। तमाम छात्रों को नाम, रोल नंबर, हॉल एवं उनके पिता आदि के नाम के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।