मन की बात में बोले PM मोदी- 'हमारी सेना अपने पराक्रम से हर साजिश को नाकाम करेगी'
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पीएम मोदी ने कहा, 'मैं उड़ी के शहीदों को सलाम करता हूं, उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं। उड़ी हमले के साजिशकर्ताओं को बख्शा नहीं जाएगा।' उड़ी हमले के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला 'मन की बात' कार्यक्रम था।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 11वीं के छात्र हर्षवर्धन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हर्षवर्धन ने उड़ी हमले को लेकर उन्हें पत्र लिख कर कहा कि वह काफी आक्रोश में है और देश के लिए कुछ करना चाहता है। पीएम ने छात्र के सवाल पर कहा, उड़ी आतंकवादी हमले के बाद नागरिकों के मन में जो आक्रोश है, उसका बहुत-बड़ा मूल्य है। ये राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है।'
कश्मीर की हिंसा पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के जरिए कश्मीर हिंसा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शांति,एकता और सदभावना के जरिए ही समस्याओं का हल निकाल कर विकास की तरफ बढ़ा जा सकता है। 'हर समस्या का समाधान हम मिल-बैठ करके खोजेंगे, रास्ते निकालेंगे और साथ-साथ कश्मीर की भावी पीढ़ी के लिये उत्तम मार्ग भी प्रशस्त करेंगे।'
इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने पैरालिंपिक खेलों में पदक जीतकर स्वदेश वापस लौटे दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाडि़यों ने अपनी इच्छाशक्ति के आगे कभी गरीबी और अपनी दिव्यांगता को आड़े नहीं आने दिया। हम सभी को इनसे सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा, 'मैं फिर एक बार, हमारे इन सभी खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आने वाले दिनों में भारत पैरालंपिक के लिए भी, उसके विकास के लिए भी, एक सुचारु योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।'