मोदी ने कहा, 30 सितंबर तक सार्वजनिक करें कालाधन नहीं तो होगी कठोर कार्रवाई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने अपने बात की शुरुआत करते हुए सबसे पहले अच्छे मानसून की संभावना के मद्देनजर देश के किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसान पूरी मेहनत से खेतों में काम करते हैं उसी तरह देश के वैज्ञानिक भी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में इसरो द्वारा प्रक्षेपित किए गए पीएसएलवी यान की तारीफ की जिसने एक साथ कुल 20 सैटेलाइट्स ले जाने में सफलता हासिल की। मोदी ने देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी हो रहे विकास का भी जिक्र करते हुए 18 जून को वायुसेना के पहली तीन महिला लड़ाकू पायलटों अवनि, भावना और मोहना को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये हमारे लिए ही नहीं बल्कि देश के लिए गर्व की बात है।
मोदी 21 जनवरी को आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन से भी काफी प्रसन्न दिखे। उन्होंने कहा कि यह योग का ही प्रभाव है जिससे प्रभावित होकर न्यूयॉर्क में यूएन बिल्डिंग के ऊपर योगासन की विभिन्न मुद्राओं को लाइटिंग के जरिए उकेरा गया।
इमरजेंसी को किया याद
प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश में लोकतंत्र की शक्ति का अहसास दिलाते हुए युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि कई लोग मेरे मन की बात कार्यक्रम का मजाक उड़ाते हैं और तरह तरह की बात किये जाते हैं। यह लोकतंत्र की ही देन है कि उन्हें अपना विचार रखने का अवसर मिलता है लेकिन सन 1975 में आज ही के दिन इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया था।'
मोदी ने अपने कार्यकाल के दो साल पूर्ण होने पर कराए गए सार्वजनिक सर्वे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न भाषाओं में देश में किये गए विकास की जानकारी जुटाने के लिए सर्वे कराए जिसमें संतोषजनक परिणाम सामने आए। एक जमाना था कि इमरजेंसी के जरिए इस आवाज को दबाने की कोशिश की गई और एक आज का समय है जहां लोगों को अपनी बात रखने के लिए विभिन्न माध्यमों से अवसर प्रदान कर रहे हैं।
मोदी ने उन लोगों से अपनी संपत्तियों का जल्द से जल्द ब्यौरा मुहैया कराने की भी अपील की जिनके के पास अभी अघोषित संपत्तियां पड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर से पहले संपत्तियों का ब्यौरा देकर अपने आप को चिंता से मुक्त कर लें। इससे पहले की सरकार कोई कठोर कदम उठाए कालाधन रखने वालों को स्वयं सामने आकर अपनी संपत्तियों का ब्यौरा दे देना चाहिए। उन्हें किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पूर्व सरकारी कर्मचारी चंद्रकांत कुलकर्णी का जिक्र करते हुए बताया कि वह अपने पेंशन से 5000 रुपये प्रतिमाह स्वच्छ भारत अभियान के लिए दान कर रहे हैं।
Published By: Amit Tiwari