{"_id":"5f702c9724c1cf20110fa7bd","slug":"mann-ki-baat-pm-narendra-modi-told-the-importance-of-stories-says-listening-gives-new-energy","type":"story","status":"publish","title_hn":"'मन की बात' में पीएम मोदी ने बताया कहानियों का महत्व, कहा- सुनने से मिलती है नई ऊर्जा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'मन की बात' में पीएम मोदी ने बताया कहानियों का महत्व, कहा- सुनने से मिलती है नई ऊर्जा
Sun, 27 Sep 2020 11:39 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 27 Sep 2020 11:39 AM IST
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहानियों के महत्व को लेकर देश की जनता से बात की। उन्होंने बताया कि कहानियों का इतिहास उतनी ही पुराना है जितना की मानव सभ्यता।
विज्ञापन
पीएम मोदी ने कहा, कोरोना संकट के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से इतने लंबे समय तक एक साथ रहना। हर पल को किस तरह खुशी के साथ जीना। इसमें कई परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके कई कारण हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, हर परिवार में कोई-न-कोई बुजुर्ग या बड़े व्यक्ति कहानियां सुनाया करते थे। इस तरह घर में नई प्रेरणा और नई ऊर्जा भर जाती थी। हालांकि, अब बहुत से परिवार हैं, जहां ये सब कुछ खत्म हो गया है। इस कारण संकट की इस घड़ी को बिताना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो गया।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने कहा, हमें जरूर इस बात का एहसास हुआ होगा कि हमारे पूर्वजों ने जो विधाएं बनाई थी। वो कितनी महत्वपूर्ण हैं और जब नहीं होती हैं तो उसकी कितनी कमी महसूस होती है। ऐसी ही एक विधा है, कहानी सुनाने की।
यह भी पढ़ें: मन की बात में बोले पीएम- किसानों को मिली फल-सब्जियों को कहीं भी बेचने की ताकत
उन्होंने कहा, कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी की मानव सभ्यता। कहानियां लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं। कहानी की ताकत को महसूस करना हो तो जब कोई मां अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए या फिर उसे खाना खिलाने के लिए कहानी सुना रही होती है तब देखें।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, भारत में कहानी कहने की या किस्सागोई की एक समृद्ध परंपरा रही है। पूरे भारत में कई भारतीय कहानी सुनाने की कला को लोकप्रिय बना रहे हैं। इन दिनों, विज्ञान से संबंधित कहानियों को लोकप्रियता मिल रही है।
उन्होंने कहा, हमारे यहां तरह-तरह की लोक-कथाएं प्रचलित हैं। मैं देख रहा हूं कि कई लोग किस्सागोई की कला को आगे बढ़ाने के लिए सराहनीय पहल कर रहे हैं। कहानियां लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं।
यह भी पढ़ें: राहुल का पीएम मोदी पर तंज, कहा- काश कोविड एक्सेस स्ट्रैटेजी ही मन की बात होती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं कथा सुनाने वाले सबसे आग्रह करूंगा कि हम आजादी के 75 वर्ष मनाने जा रहें हैं। क्या हम हमारी कथाओं में पूरे गुलामी के कालखंड की जितनी प्रेरक घटनाएं हैं उनको, कथाओं में प्रचारित कर सकते हैं। विशेषकर 1857 से 1947 तक, हर छोटी-मोटी घटना से अब हमारी नई पीढ़ी को कथाओं के द्वारा परिचित करा सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप लोग जरूर इस काम को करेंगे।
उन्होंने कहा, मैं आग्रह करूंगा कि परिवार में हर सप्ताह आप कहानियों के लिए कुछ समय निकालें और ये भी कर सकते हैं कि परिवार के हर सदस्य को हर सप्ताह के लिए एक विषय तय करें, जिस दिन परिवार के सभी सदस्य मिलकर एक-एक कहानी कहेंगे।