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Manmohan Singh: 'आरबीआई गवर्नर रहने के दौरान लंच में किताबें देखते थे मनमोहन सिंह', पूर्व कर्मचारी ने किया याद

Sat, 28 Dec 2024 11:05 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 28 Dec 2024 11:05 AM IST
सार

टी जगत ने बताया कि 'उन दिनों हम में से कई लोग उन्हें लंच के समय दुकान पर देखते थे। कभी-कभी, वे बंद गला सूट या कुर्ता-पायजामा पहनकर पैदल ही किताब की दुकान पर चले आते थे।' मनमोहन सिंह साल 1982 से 1985 के बीच रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे।

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manmohan singh during RBI governor term browse books in lunch hour recalls book store ex employee
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह - फोटो : एक्स@RahulGandhi

विस्तार

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पढ़ने के बहुत शौकीन थे और जब वे भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे तो महीने में एक या दो बार मुंबई के प्रसिद्ध स्ट्रैंड बुक स्टॉल पर जाते थे और नई किताबें खरीदते थे। स्ट्रैंड बुक स्टोर के एक पूर्व कर्मचारी ने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए कहा कि कोई भी अन्य राजनेता डॉ. मनमोहन सिंह के कद की बराबरी नहीं कर सकता।
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'पैदल ही बुक स्टोर पहुंच जाते थे'
स्ट्रैंड बुक स्टोर कुछ साल पहले बंद हो गया था। अब मनमोहन सिंह के निधन पर स्ट्रैंड बुक स्टोर के पूर्व कर्मचारी रहे टी जगत ने बताया कि 'उन दिनों हम में से कई लोग उन्हें लंच के समय दुकान पर देखते थे। कभी-कभी, वे बंद गला सूट या कुर्ता-पायजामा पहनकर पैदल ही किताब की दुकान पर चले आते थे।' मनमोहन सिंह साल 1982 से 1985 के बीच रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। बीते गुरुवार को मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। टी जगत पूर्व पीएम के विनम्र व्यवहार के मुरीद हैं। उन्होंने बताया कि 'मैं किताब के स्टोर में प्रबंधन और साहित्य अनुभाग संभालता था। वे प्रबंधन, वित्त और अर्थव्यवस्था पर किताबें मांगते थे। कभी-कभी मैं शेल्फ से उनके लिए कोई किताब ढूंढ़कर देता था।' 
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'कोई राजनेता मनमोहन सिंह के कद की बराबरी नहीं कर सकता'
उन्होंने आगे कहा कि 'मनमोहन सिंह उन्हें उनके नाम से पुकारते थे। कभी-कभी स्ट्रैंड के मालिक टी एन शानबाग व्यक्तिगत रूप से उन्हें किताबें ढूंढने में मदद करते थे और नई किताबें दिखाते थे।' जगत ने कहा, 'हम दोपहर में उनका इंतजार करते थे क्योंकि हमें पता था कि वे किसी भी दिन आ सकते हैं। भारत ने एक महान अर्थशास्त्री और एक अच्छे इंसान को खो दिया है।' जगत ने कहा, 'स्ट्रैंड में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने सात से आठ आरबीआई गवर्नर देखे हैं। लेकिन मनमोहन सिंह उनमें से एक बहुत ही अलग व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे।' उन्होंने कहा, 'मनमोहन सिंह बहुत महान व्यक्ति, बहुत मृदुभाषी और विनम्र थे; वे हम सभी के साथ विनम्रता से पेश आते थे।' जगत ने कहा, 'कोई भी अन्य राजनीतिक व्यक्तित्व डॉ. सिंह के कद की बराबरी नहीं कर सकता।'
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