Manipur Violence: भाजपा विधायक पर भीड़ का हमला, हालत गंभीर; मणिपुर से फोन कर घरवालों से मांग रहे मदद छात्र
जानकारी के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश सहित अन्य पड़ोसी राज्य के विद्यार्थी जो मणिपुर में पढ़ाई कर रहे हैं, वे फोन करके उनको वहां से निकालने के लिए अपील कर रहे हैं।
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आरक्षण को लेकर मणिपुर में भड़की हिंसा के बीच वहां पढ़ रहे विभिन्न राज्यों के छात्र मदद की गुहार लगा रहे हैं। छात्र अपने-अपने घरवालों को फोन कर रहे हैं, उन्हें हिंसाग्रस्त इलाकों से बाहर निकालने की फरियाद कर रहे हैं। इस बीच, मिजोराम, नगालैंड और मेघालय सरकार ने कल सुबह तक अपने विद्यार्थियों को वहां से निकालने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश सहित अन्य पड़ोसी राज्य के विद्यार्थी जो मणिपुर में पढ़ाई कर रहे हैं, वे फोन करके उनको वहां से निकालने के लिए अपील कर रहे हैं। मणिपुर में फंसी अरुणाचल प्रदेश की एक छात्रा ने इंफाल से फोन पर बताया कि मणिपुर सरकार ने जो पांच नंबर दिए हैं, वे सभी बंद आ रहे हैं। वे किसी से भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस बीच, मिजोरम, नगालैंड और मेघालय सरकार ने अपने सभी विद्यार्थियों को मणिपुर के हिंसाग्रस्त इलाकों से निकालने की बात कही है।
सेना ने कहा- सुरक्षा स्थिति पर प्रसारित किए जा रहे फर्जी वीडियो
इस बीच, भारतीय सेना ने कहा है कि निहित स्वार्थों के लिए विरोधी तत्वों द्वारा असम राइफल्स की चौकी पर हमले के वीडियो सहित मणिपुर में सुरक्षा स्थिति पर फर्जी वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। सेना सभी से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों के जरिए ही सामग्री पर भरोसा करें।
मणिपुर में कैसे भड़की हिंसा
मार्च का आयोजन मणिपुर हाईकोर्ट की ओर से पिछले महीने राज्य सरकार को मेइती समुदाय द्वारा एसटी दर्जे की मांग पर चार सप्ताह के भीतर केंद्र को एक सिफारिश भेजने के लिए कहने के बाद किया गया। पुलिस ने बताया कि चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में मार्च के दौरान हथियार लिए हुए लोगों की एक भीड़ ने कथित तौर पर मेइती समुदाय के लोगों पर हमला किया। जवाबी कार्रवाई में भी हमले हुए। इस वजह से पूरे राज्य में हिंसा भड़क गई।
आठ जिलों में कर्फ्यू, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित
स्थिति को देखते हुए गैर-आदिवासी बहुल इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम और बिष्णुपुर जिलों और आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। राज्यभर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है, लेकिन ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू है।
मेघालय के मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक, मणिपुर में 200 विद्यार्थी
हिंसा के बीच मेघालय के मुख्यमंत्री कॉरनाड संगमा ने गुरुवार देर शाम को अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ मणिपुर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई और वहां की स्थिति पर नजर रखने की हिदायत दी। कॉरनाड से सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समय विभिन्न संस्थानों में मेघालय के 200 बच्चे मणिपुर के विभिन्न संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। कॉरनाड ने कहा, वे खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो बैठकें कीं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो बैठकें कीं और पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा को लेकर मणिपुर और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। मणिपुर सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए गंभीर मामलों में देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया।
ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर (एटीएसयूएम) द्वारा बुधवार को बुलाए गए 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के दौरान भड़की हिंसा के मद्देनजर इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। सूत्रों ने बताया कि अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, केंद्रीय गृह सचिव, आईबी निदेशक और राज्य तथा केंद्र के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ दो वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठकें कीं। शाह ने पड़ोसी राज्यों मणिपुर के मुख्यमंत्रियों से भी बात की। सूत्रों ने बताया कि सेना के साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की कई टुकड़ियों को राज्य में तैनात किया गया है और सुरक्षा बलों की और तैनाती की जाएगी।
राज्यपाल उइके ने की शांति बनाए रखने की अपील
मणिपुर की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने लोगों से राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मणिपुर में पिछले दो दिनों में हुई हिंसक घटनाओं से मैं बहुत दुखी हूं। मैं लोगों से शांति, सौहार्द और सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे किसी भी हिंसा या आगजनी की गतिविधि में भाग न लें, और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। लोगों को अपनी चिंताओं को सरकार के सामने लाना चाहिए और अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए। मैं हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने मिजोरम के समकक्ष से की फोन पर बात
मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने मिजोरम के अपने समकक्ष जोरमथांगा से टेलीफोन पर बातचीत की और उनसे हालिया हिंसा के मद्देनजर शांति की अपील करने का आग्रह किया। मिजोरम के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने मणिपुर राज्य में हिंसक स्थिति पर 45 मिनट से अधिक समय तक बात की।
बीरेन सिंह ने की शांति बनाए रखने की अपील
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए एन बीरेन सिंह ने कहा, 'संपत्तियों के नुकसान के अलावा कीमती जानें गई हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिंसा समाज में 'गलतफहमी' का नतीजा है। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए सभी कदम उठा रही है और लोगों के जान-माल की रक्षा के लिए अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की मांग की गई है। केंद्रीय और राज्य बलों को हिंसा में शामिल व्यक्तियों और समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने मणिपुर और इंफाल सिटी में नगालैंड के लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी।
सचिवालय से घर लौट रहे भाजपा विधायक पर भीड़ ने किया हमला
भाजपा विधायक वुंगजगिन वाल्टे पर गुरुवार को इंफाल में भीड़ ने उस समय हमला किया जब वह मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के साथ बैठक के बाद राज्य सचिवालय से लौट रहे थे। फेरजोल जिले के थानलोन से तीन बार विधायक रहे वाल्टे इंफाल में अपने आधिकारिक आवास की ओर जा रहे थे जब यह हमला हुआ। गुस्साई भीड़ ने विधायक और उनके ड्राइवर पर हमला कर दिया, जबकि उनके पीएसओ भागने में सफल रहे। विधायक की हालत फिलहाल गंभीर है और इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में उनका इलाज चल रहा है। वाल्टे कुकी समुदाय से हैं। वह पिछली भाजपा सरकार में मणिपुर के जनजातीय मामलों के मंत्री थे।