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Manipur Violence: खरगे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 30 को राष्ट्रपति से मिलेगा, कांग्रेस ने PM पर साधा निशाना
Mon, 29 May 2023 01:32 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 29 May 2023 01:32 AM IST
सार
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, मणिपुर के हालात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा।
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मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस ने मणिपुर में हाल की हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए रविवार को कहा कि वहां एक भयावह त्रासदी सामने आ रही है जबकि प्रधानमंत्री अपने ‘खुद के राज्याभिषेक’ को लेकर अभिभूत हैं।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, मणिपुर के हालात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हिंसा के 25 दिन बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बहुप्रतीक्षित इंफाल यात्रा की पूर्व संध्या पर चीजें बद से बदतर हो गई हैं।
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जयराम ने ट्विटर पर कहा, अनुच्छेद-355 लागू किए जाने के बावजूद, राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासन पूरी तरह से चरमरा गया है। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन का जाहिर तौर पर संदर्भ देते हुए कहा, एक भयानक त्रासदी (मणिपुर हिंसा) सामने आ रही है, जबकि प्रधानमंत्री अपने ‘खुद के राज्याभिषेक’ को लेकर अभिभूत हैं। उनकी ओर से शांति की एक भी अपील नहीं की गई है और न ही समुदायों के बीच विश्वास की पुन:बहाली के लिए कोई वास्तविक प्रयास किया गया।
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इससे पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को कहा कि सुरक्षा बलों ने राज्य में शांति कायम करने के लिए अभियान शुरू करने के बाद से घरों में आगजनी और लोगों पर गोलीबारी करने में शामिल लगभग 40 सशस्त्र उग्रवादियों को मार गिराया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न इलाकों में लोगों पर गोलीबारी और उग्रवादियों तथा सुरक्षा बलों के बीच झड़पों की अलग-अलग घटनाओं में रविवार को दो लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए।
मैतेई समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा में 75 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। आरक्षित वन भूमि से कूकी ग्रामीणों को बेदखल करने पर तनाव से पहले हिंसा हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे।
मैतेई मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। जनजातीय नगा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं।