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Manipur: घुसपैठियों का होगा बायोमैट्रिक पंजीकरण, सुनिश्चित होगी पहचान; पुलिस कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
Fri, 28 Nov 2025 08:15 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 28 Nov 2025 08:15 PM IST
सार
Manipur: मणिपुर के चंदेल जिले में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मकसद पुलिस कर्मियों को ऑनलाइन बायोमेट्रिक पंजीकरण को कुशलतापूर्वक संपन्न करने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना था। उपायुक्त ने बताया कि यह पंजीकरण गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार अनिवार्य है और इसके विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
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बायोमैट्रिक पंजीकरण (सांकेतिक)
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
मणिपुर के चंदेल जिले में पुलिस कर्मियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह जिला म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अवैध रूप से प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों का बायोमेट्रिक पंजीकरण करने की प्रक्रिया का हिस्सा था। राज्य सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान उपायुक्त लैशराम नंदकुमार ने कहा कि मणिपुर के विभिन्न सीमा जिलों में देखा गया है कि विदेशी नागरिक अवैध तरीके से चंदेल जिले में भी प्रवेश कर रहे हैं। लैशराम ने कहा, गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देशों के अनुसार ऐसे व्यक्तियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण अनिवार्य है, इससे पहले कि उन्हें देश से निर्वासित किया जाए। अधिकारियों के मुताबिक, मणिपुर की म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें केवल 10 किलोमीटर ही बाड़ से घिरा हुआ है।
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उन्होंने कहा, एमएचए के ताजा निर्देशों के तहत, अवैध अप्रवासियों के बायोमेट्रिक पंजीकरण का विवरण अब एक पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने कहा, पंजीकरण के बाद विदेशी नागरिकों का विवरण गृह मंत्रालय के विदेशी पहचान पोर्टल में अपडेट और सत्यापित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पकड़े गए विदेशियों की राष्ट्रीयता और पहचान की सही पुष्टि सुनिश्चित करेगी।
हालांकि, लैशराम ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय का निर्देश ऑनलाइन बायोमेट्रिक पंजीकरण अनिवार्य करता है। जिले के कई सीमा क्षेत्रों में इंटरनेट संपर्क नहीं है, जिससे यह प्रक्रिया कठिन हो रही है। बयान में कहा गया, असम राइफल्स से मदद मांगी जा रही है ताकि सीमा क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और विदेशी नागरिकों का बायोमेट्रिक पंजीकरण समय पर पूरा किया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया कि जिले के पुलिस कर्मी ऑनलाइन बायोमेट्रिक पंजीकरण को कुशलतापूर्वक संपन्न करने के लिए पूरी तरह सक्षम हों।
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प्रशिक्षण के दौरान उपायुक्त लैशराम नंदकुमार ने कहा कि मणिपुर के विभिन्न सीमा जिलों में देखा गया है कि विदेशी नागरिक अवैध तरीके से चंदेल जिले में भी प्रवेश कर रहे हैं। लैशराम ने कहा, गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देशों के अनुसार ऐसे व्यक्तियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण अनिवार्य है, इससे पहले कि उन्हें देश से निर्वासित किया जाए। अधिकारियों के मुताबिक, मणिपुर की म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें केवल 10 किलोमीटर ही बाड़ से घिरा हुआ है।
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उन्होंने कहा, एमएचए के ताजा निर्देशों के तहत, अवैध अप्रवासियों के बायोमेट्रिक पंजीकरण का विवरण अब एक पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने कहा, पंजीकरण के बाद विदेशी नागरिकों का विवरण गृह मंत्रालय के विदेशी पहचान पोर्टल में अपडेट और सत्यापित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पकड़े गए विदेशियों की राष्ट्रीयता और पहचान की सही पुष्टि सुनिश्चित करेगी।
हालांकि, लैशराम ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय का निर्देश ऑनलाइन बायोमेट्रिक पंजीकरण अनिवार्य करता है। जिले के कई सीमा क्षेत्रों में इंटरनेट संपर्क नहीं है, जिससे यह प्रक्रिया कठिन हो रही है। बयान में कहा गया, असम राइफल्स से मदद मांगी जा रही है ताकि सीमा क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और विदेशी नागरिकों का बायोमेट्रिक पंजीकरण समय पर पूरा किया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया कि जिले के पुलिस कर्मी ऑनलाइन बायोमेट्रिक पंजीकरण को कुशलतापूर्वक संपन्न करने के लिए पूरी तरह सक्षम हों।
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