Manipur: शिरुई महोत्सव में मैतई समुदाय को धमकी, कुकी नेता पर दर्ज हुई FIR; मणिपुर पुलिस ने शुरू की छापेमारी
दिल्ली कुकी छात्र संगठन के प्रमुख पाओजाखुप गुइते ने वीडियो के माध्यम से मैतई समुदाय को शिरुई महोत्सव में आने पर जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद मणिपुर पुलिस ने छात्र नेता पर एफआईआर दर्ज कर देशभर में छापेमारी शुरू कर दी है।
विस्तार
मणिपुर पुलिस ने दिल्ली कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) के अध्यक्ष पाओजाखुप गुइते के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक वीडियो में मैतई समुदाय के लोगों को उखरूल जिले में होने वाले शिरुई लिली महोत्सव में शामिल न होने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने बताया कि वीडियो में गुइते ने कहा कि जो भी मैतई शिरुई महोत्सव में आए, उसे जिंदा वापस नहीं जाने देना चाहिए।
बता दें कि कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) के अध्यक्ष पाओजाखुप गुइते का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद चुराचांदपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
इन राज्यों में भी पुलिस अलर्ट पर
मणिपुर के साथ-साथ मिजोरम, असम, नागालैंड और मेघालय की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है ताकि गुइते को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस ने कहा कि 20 से 24 मई तक होने वाले शिरुई महोत्सव के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
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छात्र नेता के बयान पर संगठनों की प्रतिक्रिया
केएसओ) के अध्यक्ष पाओजाखुप गुइते की टिप्पणी पर अलग-अलग संगठनों ने प्रतिक्रिया दी है। जहां एक तरफ मीतेई हेरिटेज सोसाइटी ने इसे खतरनाक और भड़काऊ बताया और गुइते को आदतन अपराधी करार दिया। साथ ही इंडिजिनस पीपल्स फोरम मणिपुर के अध्यक्ष अशांग कसार ने राष्ट्रपति शासन के बावजूद ऐसी घटनाओं पर सवाल उठाया। वहीं दूसरी ओर कुकी ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स (केओएचयूआर) ने एफआईआर की निंदा की। साथ ही कहा कि कुकी समुदाय को “भेदभावपूर्ण तरीके से टारगेट” किया जा रहा है।
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मणिपुर हिंसा पर एक नजर
गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से मीतई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष चल रहा है, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। बढ़ते हिंसा के स्वरूप को देखते हुए राज्य में बीते 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है।