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मणिपुर हाईकोर्ट: राज्य सरकार ने एनएसए के तहत गिरफ्तार हुए पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को किया रिहा
Sat, 24 Jul 2021 08:55 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, इंफाल
एजेंसी, इंफाल
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 24 Jul 2021 08:55 AM IST
सार
- शाम पांच बजे से पहले इंफाल पूर्वी जिले की साजीवा सेंट्रल जेल से हुए वांगखेम रिहा
- वांगखेम पहले भी भाजपा की आलोचना करने पर दो बार जा चुके हैं जेल
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पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम
- फोटो : twitter
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विस्तार
मणिपुर हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने भाजपा नेता की मौत पर फेसबुक पोस्ट के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिए गए पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को रिहा कर दिया गया।
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एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया, अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह शाम पांच बजे से पहले भाजपा नेताओं की आलोचना करने वाले एक पोस्ट के बाद हिरासत में लिए गए पत्रकार को रिहा कर दे। जेल अधीक्षक सोखलाल तौथांग ने बताया कि वांगखेम को शाम पांच बजे से पहले इंफाल पूर्वी जिले की साजीवा सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया।
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बता दें कि मणिपुर में पुलिस ने पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और राजनीतिक कार्यकर्ता एरेंड्रो लीचेम्बम पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मणिपुर के दिवंगत भाजपा अध्यक्ष एस तिकेंद्र सिंह की खिल्ली उड़ाई।
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40 वर्षीय दोनों आरोपियों ने फेसबुक पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अलग-अलग पोस्ट कर लिखा था कि गाय का गोबर या गोमूत्र कोविड-19 से बचाव नहीं करते हैं।
इम्फाल पश्चिम के जिला अधिकारी किरण कुमार ने कहा था कि जमानत पर रिहा होने से वे दोनों फिर से वह काम शुरू कर सकते हैं जो राज्य की सुरक्षा और लोक व्यवस्था के लिए हानिकारक हो।
न्यूज पोर्टल से जुड़ा वांगखेम पहले भी भाजपा की आलोचना करने पर दो बार जेल जा चुका है। वहीं एरेंड्रो राजनीतिक संगठन पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस का संयोजक है।