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Manipur: लापता व्यक्ति के मामले में जांच समिति पर हाईकोर्ट सख्त, हर दो हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
Fri, 20 Dec 2024 09:54 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 20 Dec 2024 09:54 PM IST
सार
Manipur High Court: मणिपुर उच्च न्यायालय ने 56 साल के लैशराम कमलबाबू सिंह के लापता होने के संबंध में गठित जांच समिति को हर दो सप्ताह में एक बार मामले पर आगे की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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मणिपुर हाईकोर्ट
- फोटो : ecommitteesci.gov.in/division/high-court-of-manipur/
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विस्तार
मणिपुर हाईकोर्ट ने लैशराम कमलबाबू सिंह के लापता होने के संबंध में गठित जांच समिति को हर दो सप्ताह में एक बार मामले पर आगे की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी कृष्णकुमार और न्यायमूर्ति गोलमेई गाइफुलशिलु काबुई की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांगपोकपी जिले के लीमाखोंग में सैन्य शिविर से लापता हुए कमलबाबू की जांच चल रही है। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज प्राप्त हो गए हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
कमांडिंग ऑफिसर जांच अधिकारी के साथ करेंगे सहयोग
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी जांच को आगे बढ़ाएंगे और सिग्नल रेजिमेंट, 57 फील्ड माउंटेन डिवीजन के कमांडिंग ऑफिसर जांच अधिकारी के साथ सहयोग करेंगे। खंडपीठ ने कहा, हम जांच समिति को हर दो सप्ताह में एक बार मणिपुर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष सीलबंद कवर में आगे की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हैं।
25 नवंबर को सेना शिविर से लापता हुआ था कमलबाबू
बता दें कि कमलबाबू असम के कछार जिले का मूल निवासी है। वह इंफाल पश्चिम जिले के खुकरुल में रहता था। वह 57वें माउंटेन डिवीजन के लीमाखोंग सैन्य स्टेशन में सैन्य इंजीनियरिंग सेवाओं (एमईएस) के साथ काम करने वाले एक ठेकेदार के लिए सुपरवाइज के रूप में काम कर रहा था। वह 25 नवंबर को सेना शिविर से लापता हो गया था।
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कांगपोकपी सीमा क्षेत्र में गोलीबारी
इधर राज्य के इंफाल पश्चिम जिले की सीमा पर एक गांव से गोलीबारी की खबर सामने आई है। पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि घटना गुरुवार शाम को हुई। कांगपोकपी जिले के साहेबुंग और एल जगनोमफाई के हथियारबंद लोगों ने इंफाल पश्चिम के ताइरेनपोकपी गांव को निशाना बनाते हुए पहाड़ी की चोटियों से गोलीबारी की। इस पर सशस्त्र 'ग्राम स्वयंसेवकों' ने जवाबी कार्रवाई की। थोड़ी देर तक दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। पुलिस ने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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कमांडिंग ऑफिसर जांच अधिकारी के साथ करेंगे सहयोग
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी जांच को आगे बढ़ाएंगे और सिग्नल रेजिमेंट, 57 फील्ड माउंटेन डिवीजन के कमांडिंग ऑफिसर जांच अधिकारी के साथ सहयोग करेंगे। खंडपीठ ने कहा, हम जांच समिति को हर दो सप्ताह में एक बार मणिपुर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष सीलबंद कवर में आगे की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हैं।
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25 नवंबर को सेना शिविर से लापता हुआ था कमलबाबू
बता दें कि कमलबाबू असम के कछार जिले का मूल निवासी है। वह इंफाल पश्चिम जिले के खुकरुल में रहता था। वह 57वें माउंटेन डिवीजन के लीमाखोंग सैन्य स्टेशन में सैन्य इंजीनियरिंग सेवाओं (एमईएस) के साथ काम करने वाले एक ठेकेदार के लिए सुपरवाइज के रूप में काम कर रहा था। वह 25 नवंबर को सेना शिविर से लापता हो गया था।
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कांगपोकपी सीमा क्षेत्र में गोलीबारी
इधर राज्य के इंफाल पश्चिम जिले की सीमा पर एक गांव से गोलीबारी की खबर सामने आई है। पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि घटना गुरुवार शाम को हुई। कांगपोकपी जिले के साहेबुंग और एल जगनोमफाई के हथियारबंद लोगों ने इंफाल पश्चिम के ताइरेनपोकपी गांव को निशाना बनाते हुए पहाड़ी की चोटियों से गोलीबारी की। इस पर सशस्त्र 'ग्राम स्वयंसेवकों' ने जवाबी कार्रवाई की। थोड़ी देर तक दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। पुलिस ने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।