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मणिपुर: सरकार और कुकी-जो काउंसिल नेता शांति की मेज पर, बैठक में उठाए गए कई अहम मुद्दे
Mon, 23 Mar 2026 03:47 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल।
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 23 Mar 2026 03:47 AM IST
सार
मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से शांति की अपील करते हुए भूलो और माफ करो की भावना से आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक में कोई मांग या वादा नहीं किया गया, बल्कि यह सिर्फ संवाद की शुरुआत है। अलग प्रशासन की मांग पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने की बात कह चुके हैं।
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मणिपुर के सीएम युमनाम खेमचंद सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
हिंसा से जूझ रहे पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में बातचीत की पहल से शांति की आस जगी है। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के साथ हुई बैठक को राज्य में शांति बहाल करने और कुकी-मैतई समुदायों के बीच भरोसा बढ़ाने की दिशा में अच्छी शुरुआत बताया है। गुवाहाटी में शनिवार को हुई यह बैठक करीब तीन साल बाद दोनों पक्षों के बीच पहली औपचारिक बातचीत थी।
मुख्यमंत्री खेमचंद ने रविवार को कहा, बातचीत आगे भी जारी रहेगी और इसका उद्देश्य मणिपुर में शांति स्थापित करना है। बैठक करीब 1 घंटा 45 मिनट चली, जिसे कुकी काउंसिल ने आइस-ब्रेकिंग सत्र बताया। मणिपुर में मई 2023 से मैतई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
क्या बोले मणिपुर के सीएम खेमचंद सिंह?
मुख्यमंत्री खेमचंद ने कहा, सबसे बड़ी चिंता यह है कि आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (आईडीपी) अब तक अपने घर नहीं लौट पाए हैं। लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए दोनों समुदायों के बीच भरोसा बहाल करना जरूरी है। कितने समय तक सुरक्षाबल लोगों की रक्षा करते रहेंगे, अब समाज को खुद आगे आना होगा। कुकी काउंसिल ने बातचीत का न्योता स्वीकार किया है इसके लिए उनका आभार। यह कठिन समय में शांति की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
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भूलो और माफ करो का संदेश
मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से शांति की अपील करते हुए भूलो और माफ करो की भावना से आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक में कोई मांग या वादा नहीं किया गया, बल्कि यह सिर्फ संवाद की शुरुआत है। अलग प्रशासन की मांग पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने की बात कह चुके हैं।
कुकी काउंसिल ने उठाए अहम मुद्दे
कुकी-जो काउंसिल ने बताया कि उसने बैठक में कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच तनाव कम करना और हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाना शामिल है। काउंसिल ने बफर जोन को बनाए रखने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चल रही वार्ताओं को तेज करने की भी मांग की।
अन्य वीडियो
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मुख्यमंत्री खेमचंद ने रविवार को कहा, बातचीत आगे भी जारी रहेगी और इसका उद्देश्य मणिपुर में शांति स्थापित करना है। बैठक करीब 1 घंटा 45 मिनट चली, जिसे कुकी काउंसिल ने आइस-ब्रेकिंग सत्र बताया। मणिपुर में मई 2023 से मैतई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
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क्या बोले मणिपुर के सीएम खेमचंद सिंह?
मुख्यमंत्री खेमचंद ने कहा, सबसे बड़ी चिंता यह है कि आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (आईडीपी) अब तक अपने घर नहीं लौट पाए हैं। लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए दोनों समुदायों के बीच भरोसा बहाल करना जरूरी है। कितने समय तक सुरक्षाबल लोगों की रक्षा करते रहेंगे, अब समाज को खुद आगे आना होगा। कुकी काउंसिल ने बातचीत का न्योता स्वीकार किया है इसके लिए उनका आभार। यह कठिन समय में शांति की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
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भूलो और माफ करो का संदेश
मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से शांति की अपील करते हुए भूलो और माफ करो की भावना से आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक में कोई मांग या वादा नहीं किया गया, बल्कि यह सिर्फ संवाद की शुरुआत है। अलग प्रशासन की मांग पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने की बात कह चुके हैं।
कुकी काउंसिल ने उठाए अहम मुद्दे
कुकी-जो काउंसिल ने बताया कि उसने बैठक में कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच तनाव कम करना और हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाना शामिल है। काउंसिल ने बफर जोन को बनाए रखने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चल रही वार्ताओं को तेज करने की भी मांग की।
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