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मणिपुर: हिंसा में मारे गए 32 कुकी-जो नागरिकों के परिजनों को मिलेगी सहायता, शवों को पहुंचाया जाएगा गांव
Fri, 30 Oct 2026 08:36 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 30 Oct 2026 08:36 PM IST
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मणिपुर हिंसा
- फोटो : पीटीआई
'कुकी-जो' काउंसिल (केजेडसी) ने शुक्रवार को यह दावा किया है कि मणिपुर में हो रही हिंसा में मारे गए 32 'कुकी-जो' नागरिकों के परिजनों को सरकार की तरफ से अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा मृतकों के शवों को उनके गांवों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सरकार ने ली है। ये दोनों काम, सात दिन में पूरे होंगे। चुराचांदपुर में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में 'कुकी-जो' काउंसिल (केजेडसी) की कैबिनेट के साथ हुई एक बैठक में उक्त फैसलों पर सहमति बनी है।
'कुकी-जो' काउंसिल द्वारा जारी देर शाम जारी बयान में कहा गया है कि 'केजेडसी' द्वारा उठाई गई चिंताओं और मांगों पर चर्चा के लिए उक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान, 'केजेडसी' ने राज्य के मौजूदा हालात और 'कुकी-जो' लोगों की शिकायतों के बारे में अपनी चिंताएं रखीं। लंबी बातचीत के बाद, सरकार उन 32 कुकी-जो नागरिकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने के लिए सहमत हो गई, जिनकी जान एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) से जुड़ी हिंसा में चली गई थी।
'केजेडसी' के मुताबिक, यह फैसला दिवंगत आत्माओं के सम्मान और उनके शोक संतप्त परिवारों को सहायता प्रदान करने की आवश्यकता को दर्शाता है। सरकार सभी मृतकों के शवों को उनके गांवों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेने के लिए भी सहमत हो गई है, ताकि वहां उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। उम्मीद है कि ये दोनों काम सात दिनों के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। 'केजेडसी' ने कुकी-जो लोगों की सुरक्षा, कल्याण और राजनीतिक आकांक्षाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों और मांगों को भी उठाया।
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सरकार ने इन मामलों पर विचार करना शुरू कर दिया है। 'केजेडसी' को भरोसा दिलाया है कि समय आने पर इनकी समीक्षा की जाएगी और इन पर जवाब भी दिया जाएगा। हालांकि अनुग्रह राशि देने और मृतकों के शवों को उनके गांवों तक पहुंचाने का वादा शोक संतप्त परिवारों की तत्काल चिंताओं को दूर करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन 'केजेडसी' का जोर इस बात पर है कि कुकी-जो लोगों की व्यापक शिकायतों और जायज राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है। 'केजेडसी' तब तक सरकार के साथ इन मुद्दों पर बातचीत जारी रखेगा, जब तक कि कोई सार्थक परिणाम न निकल आए।
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'कुकी-जो' काउंसिल द्वारा जारी देर शाम जारी बयान में कहा गया है कि 'केजेडसी' द्वारा उठाई गई चिंताओं और मांगों पर चर्चा के लिए उक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान, 'केजेडसी' ने राज्य के मौजूदा हालात और 'कुकी-जो' लोगों की शिकायतों के बारे में अपनी चिंताएं रखीं। लंबी बातचीत के बाद, सरकार उन 32 कुकी-जो नागरिकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने के लिए सहमत हो गई, जिनकी जान एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) से जुड़ी हिंसा में चली गई थी।
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'केजेडसी' के मुताबिक, यह फैसला दिवंगत आत्माओं के सम्मान और उनके शोक संतप्त परिवारों को सहायता प्रदान करने की आवश्यकता को दर्शाता है। सरकार सभी मृतकों के शवों को उनके गांवों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेने के लिए भी सहमत हो गई है, ताकि वहां उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। उम्मीद है कि ये दोनों काम सात दिनों के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। 'केजेडसी' ने कुकी-जो लोगों की सुरक्षा, कल्याण और राजनीतिक आकांक्षाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों और मांगों को भी उठाया।
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सरकार ने इन मामलों पर विचार करना शुरू कर दिया है। 'केजेडसी' को भरोसा दिलाया है कि समय आने पर इनकी समीक्षा की जाएगी और इन पर जवाब भी दिया जाएगा। हालांकि अनुग्रह राशि देने और मृतकों के शवों को उनके गांवों तक पहुंचाने का वादा शोक संतप्त परिवारों की तत्काल चिंताओं को दूर करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन 'केजेडसी' का जोर इस बात पर है कि कुकी-जो लोगों की व्यापक शिकायतों और जायज राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है। 'केजेडसी' तब तक सरकार के साथ इन मुद्दों पर बातचीत जारी रखेगा, जब तक कि कोई सार्थक परिणाम न निकल आए।