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महाराष्ट्र: उद्धव-राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने पर फडणवीस ने तोड़ी चुप्पी, बोले- कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी
Fri, 30 Oct 2026 10:59 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 30 Oct 2026 10:59 PM IST
सार
मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजनीतिक अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम केवल कार्टून कलाकारों के सम्मान के लिए था। दूसरी ओर, उन्होंने महाराष्ट्र में अगले तीन से चार वर्षों में 50 हजार इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत बताई। क्या तीनों नेताओं के बीच कोई राजनीतिक बातचीत हुई थी? महाराष्ट्र इतनी बसें कहां से जुटाएगा? आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...
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महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण की चर्चा पर फडणवीस का जवाब
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय चर्चाएं तेज हो गईं, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ नजर आए। तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को लेकर राजनीतिक मुलाकात और संभावित गठजोड़ की अटकलें लगने लगीं। अब फडणवीस ने इन चर्चाओं को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि महाराष्ट्र के कार्टून कलाकारों के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक समारोह था। इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। वहीं, पुणे में एक दूसरे कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ी जरूरत बताई। उनके मुताबिक, राज्य को अगले तीन से चार वर्षों में करीब 50 हजार इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत होगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में मीडिया से बातचीत के दौरान मुंबई के कार्टून पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को लेकर सफाई दी। इस कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और दूसरे नेता भी शामिल हुए थे। तीनों नेताओं को एक साथ देखकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। सवाल उठने लगे थे कि क्या महाराष्ट्र की राजनीति में कोई नया समीकरण बन रहा है? क्या नेताओं के बीच बंद कमरे में कोई बैठक हुई थी? फडणवीस ने इन सभी अटकलों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखना चाहिए। इसके बाद उन्होंने राज्य में इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ती जरूरत और स्थानीय उत्पादन को लेकर भी अपनी बात रखी।
उद्धव और राज ठाकरे के साथ मौजूदगी पर क्या बोले फडणवीस?
फडणवीस ने कहा कि मुंबई में आयोजित कार्यक्रम का मकसद महाराष्ट्र के कार्टून कलाकारों के योगदान को सम्मान देना था। इस समारोह में उन 75 कार्टूनिस्टों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पिछले 100 वर्षों में महाराष्ट्र के इतिहास और घटनाओं को अपने कार्टून के जरिए दर्ज किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल नेता साहित्य और कला में रुचि रखने वाले लोगों के रूप में पहुंचे थे। वहां दिए गए भाषण भी हल्के-फुल्के और हास्य से भरे थे। उन्होंने साफ कहा कि कार्यक्रम का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। ऐसे में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ उनकी मौजूदगी को किसी राजनीतिक संकेत के रूप में देखना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से राजनीतिक मतलब न निकाला जाए।
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क्या नेताओं के बीच बंद कमरे में कोई राजनीतिक बैठक हुई थी?
कार्यक्रम को लेकर यह भी चर्चा थी कि मंच पर आने से पहले नेताओं के बीच बंद कमरे में कोई बैठक हुई थी। फडणवीस ने इस दावे को भी खारिज किया। उन्होंने बताया कि सभी नेता और कार्टूनिस्ट एक साथ प्रतीक्षा कक्ष में बैठे थे। इसके बाद सभी एक साथ मंच पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां कोई बंद कमरे की बैठक नहीं हुई और न ही किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा की गई। उनके मुताबिक, नेताओं के बीच सामान्य और हल्की-फुल्की बातचीत हुई थी। उन्होंने इसे केवल एक सांस्कृतिक आयोजन बताया। फडणवीस ने कहा कि इस कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी को लेकर अनावश्यक राजनीतिक निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की एक साथ मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी थी। ऐसे में फडणवीस की सफाई को इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र को अगले तीन से चार साल में कितनी इलेक्ट्रिक बसें चाहिए?
राजनीतिक चर्चाओं पर सफाई देने के अलावा फडणवीस ने महाराष्ट्र की परिवहन व्यवस्था को लेकर भी अहम जानकारी दी। वह पुणे में ईकेए मोबिलिटी की नई विनिर्माण इकाई के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को अगले तीन से चार वर्षों में करीब 50 हजार इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि मुंबई की नगर निकाय संस्था को अकेले 10 हजार बसों की आवश्यकता है। वहीं, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम यानी एसटी महामंडल को करीब 30 हजार बसें चाहिए। इसके अलावा पुणे और नागपुर जैसे शहरों में भी इलेक्ट्रिक बसों की मांग होगी। इन जरूरतों को मिलाकर राज्य में आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करनी होंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक बसों की भूमिका बढ़ सकती है।
ईकेए मोबिलिटी से फडणवीस ने क्या अपील की?
फडणवीस ने ईकेए मोबिलिटी से महाराष्ट्र में अपनी बस निर्माण क्षमता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक बसों का स्थानीय स्तर पर निर्माण होना जरूरी है। इससे केवल परिवहन व्यवस्था को फायदा नहीं होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय उत्पादन बढ़ने से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने हरित परिवहन यानी ऐसे वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिनसे प्रदूषण कम हो। इलेक्ट्रिक बसें इसी दिशा में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कंपनी से कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य की जरूरत को देखते हुए उत्पादन बढ़ाने की तैयारी करे। महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में सार्वजनिक परिवहन की बड़ी मांग है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता बढ़ाना राज्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में मीडिया से बातचीत के दौरान मुंबई के कार्टून पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को लेकर सफाई दी। इस कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और दूसरे नेता भी शामिल हुए थे। तीनों नेताओं को एक साथ देखकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। सवाल उठने लगे थे कि क्या महाराष्ट्र की राजनीति में कोई नया समीकरण बन रहा है? क्या नेताओं के बीच बंद कमरे में कोई बैठक हुई थी? फडणवीस ने इन सभी अटकलों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखना चाहिए। इसके बाद उन्होंने राज्य में इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ती जरूरत और स्थानीय उत्पादन को लेकर भी अपनी बात रखी।
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उद्धव और राज ठाकरे के साथ मौजूदगी पर क्या बोले फडणवीस?
फडणवीस ने कहा कि मुंबई में आयोजित कार्यक्रम का मकसद महाराष्ट्र के कार्टून कलाकारों के योगदान को सम्मान देना था। इस समारोह में उन 75 कार्टूनिस्टों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पिछले 100 वर्षों में महाराष्ट्र के इतिहास और घटनाओं को अपने कार्टून के जरिए दर्ज किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल नेता साहित्य और कला में रुचि रखने वाले लोगों के रूप में पहुंचे थे। वहां दिए गए भाषण भी हल्के-फुल्के और हास्य से भरे थे। उन्होंने साफ कहा कि कार्यक्रम का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। ऐसे में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ उनकी मौजूदगी को किसी राजनीतिक संकेत के रूप में देखना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से राजनीतिक मतलब न निकाला जाए।
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क्या नेताओं के बीच बंद कमरे में कोई राजनीतिक बैठक हुई थी?
कार्यक्रम को लेकर यह भी चर्चा थी कि मंच पर आने से पहले नेताओं के बीच बंद कमरे में कोई बैठक हुई थी। फडणवीस ने इस दावे को भी खारिज किया। उन्होंने बताया कि सभी नेता और कार्टूनिस्ट एक साथ प्रतीक्षा कक्ष में बैठे थे। इसके बाद सभी एक साथ मंच पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां कोई बंद कमरे की बैठक नहीं हुई और न ही किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा की गई। उनके मुताबिक, नेताओं के बीच सामान्य और हल्की-फुल्की बातचीत हुई थी। उन्होंने इसे केवल एक सांस्कृतिक आयोजन बताया। फडणवीस ने कहा कि इस कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी को लेकर अनावश्यक राजनीतिक निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की एक साथ मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी थी। ऐसे में फडणवीस की सफाई को इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र को अगले तीन से चार साल में कितनी इलेक्ट्रिक बसें चाहिए?
राजनीतिक चर्चाओं पर सफाई देने के अलावा फडणवीस ने महाराष्ट्र की परिवहन व्यवस्था को लेकर भी अहम जानकारी दी। वह पुणे में ईकेए मोबिलिटी की नई विनिर्माण इकाई के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को अगले तीन से चार वर्षों में करीब 50 हजार इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि मुंबई की नगर निकाय संस्था को अकेले 10 हजार बसों की आवश्यकता है। वहीं, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम यानी एसटी महामंडल को करीब 30 हजार बसें चाहिए। इसके अलावा पुणे और नागपुर जैसे शहरों में भी इलेक्ट्रिक बसों की मांग होगी। इन जरूरतों को मिलाकर राज्य में आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करनी होंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक बसों की भूमिका बढ़ सकती है।
ईकेए मोबिलिटी से फडणवीस ने क्या अपील की?
फडणवीस ने ईकेए मोबिलिटी से महाराष्ट्र में अपनी बस निर्माण क्षमता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक बसों का स्थानीय स्तर पर निर्माण होना जरूरी है। इससे केवल परिवहन व्यवस्था को फायदा नहीं होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय उत्पादन बढ़ने से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने हरित परिवहन यानी ऐसे वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिनसे प्रदूषण कम हो। इलेक्ट्रिक बसें इसी दिशा में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कंपनी से कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य की जरूरत को देखते हुए उत्पादन बढ़ाने की तैयारी करे। महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में सार्वजनिक परिवहन की बड़ी मांग है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता बढ़ाना राज्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।