फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur Chief Minister-designate N Biren Singh will take oath at 3 pm today

शपथ आज : बीरेन सिंह ने दूसरी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, पांच अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री का पद

Mon, 21 Mar 2022 05:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 21 Mar 2022 05:37 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और किरेन रिजिजू ने रविवार को राज्यपाल को एक पत्र सौंपा था, जिसमें कहा गया था कि सिंह को सर्वसम्मति से 32 विधायकों वाले भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है।

विज्ञापन
Manipur Chief Minister-designate N Biren Singh will take oath at 3 pm today
एन बिरेन सिंह - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता एन बीरेन सिंह ने सोमवार को यहां राजभवन में दूसरे कार्यकाल के लिये मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल एल गणेशन ने सिंह को पांच कैबिनेट मंत्रियों के साथ शपथ दिलाई। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और किरेन रिजिजू ने रविवार को राज्यपाल को एक पत्र सौंपा था, जिसमें कहा गया था कि सिंह को सर्वसम्मति से 32 विधायकों वाले भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। इसके बाद राज्यपाल ने सिंह को मणिपुर में अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मणिपुर समेत चार राज्यों में भाजपा ने जीत हासिल की है।

विज्ञापन


बीरेन सिह के शपथ समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहे। सिंह को रविवार को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। केंद्रीय पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और किरेन रिजिजू की मौजूदगी में हुई बैठक में बीरेन सिंह के नाम पर मुहर लगाई गई। इससे पहले पूर्वोत्तर राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा के लिए दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर एक अहम बैठक हुई थी। बैठक में मणिपुर भाजपा के वरिष्ठ विधायक टी बिस्वजीत राणे, गोवा के कार्यवाहक सीएम प्रमोद सावंत, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा मौजूद थे। बीरेन सिंह भी दिल्ली पहुंचे थे।
विज्ञापन


जमीन से जुड़े नेता हैं बीरेन सिंह
मणिपुर के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त जीत हासिल की है। पार्टी की इस जीत के पीछे एन बीरेन सिंह के चेहरे को बड़ी वजह माना जाता है। सिंह के बारे में कहा जाता है कि वे मणिपुर की जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और राज्य की जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एन बीरेन सिंह का जन्म 1 जनवरी 1961 को मणिपुर की राजधानी इंफाल में हुआ था। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मणिपुर यूनिवर्सिटी से ही बीए की डिग्री हासिल की। लेकिन खेल में ज्यादा रुचि होने की वजह से उन्होंने शुरुआत में फुटबॉल को अपने करियर के तौर पर चुना। बाद में देशसेवा के मकसद से उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जॉइन कर ली। यहां भी उन्होंने अपनी खेल की रुचि को आगे बढ़ाया और घरेलू मुकाबलों में अपनी टीम का नेतृत्व करते रहे। उन्होंने डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया है। 

फुटबॉल और बीएसएफ में लंबे समय तक सेवा देने के बाद 1992 में बीरेन सिंह की रुचि पत्रकारिता की तरफ बढ़ी और उन्होंने मणिपुर के ही स्थानीय अखबार नाहरोल्गी थोउदांग में नौकरी शुरू की। पत्रकारिता में भी बीरेन सिंह काफी तेजी से आगे बढ़े और 2001 तक वे अखबार में संपादक के पद तक पहुंच गए। यही वह दौर था, जब उन्होंने राजनीति को करीब से देखा और आखिरकार राज्य की स्थिति को सुधारने के लिए इस क्षेत्र में किस्मत आजमाने का फैसला किया।

कैसा रहा है राजनीतिक करियर?
एन बीरेन सिंह ने 2002 में मणिपुर की डेमोक्रेटिक रेवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी जॉइन की। उन्होंने हेनगांग सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में बीरेन सिंह ने 2003 में कांग्रेस जॉइन कर ली और उन्हें वन और पर्यावरण मंत्रालय मिला। 2007 में एक बार फिर उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्रालय के अलावा युवा मामलों-खेल मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। 

2012 में उन्होंने फिर अपनी सीट पर जीत हासिल की और लगातार तीसरी बार विधायक बने। हालांकि, उनकी बढ़ती ताकत से कांग्रेस में ही शीर्ष नेतृत्व की चिंताएं बढ़ गईं। 2016 में मणिपुर के तत्कालीन सीएम ओकराम इबोबी सिंह से विवाद के बाद बीरेन सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। 


2017 में बने सीएम और भाजपा ने दिया सीएम पद
2017 में एक बार फिर बीरेन सिंह विधायक बने। उनकी इस बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर भाजपा ने उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। 15 मार्च 2017 को शपथ लेने के साथ ही वे राज्य में भाजपा के पहले सीएम बन गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में वे फिर हेनगांग सीट से जीते। यह लगातार पांचवीं बार है, जब उन्होंने अपनी इस सीट पर कब्जा जमाए रखा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed