{"_id":"676ff8ceef1b3910ea05c7dd","slug":"manipur-bandh-over-arrest-of-armed-men-paralyses-normal-life-in-imphal-valley-2024-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manipur: हथियारबंद लोगों की गिरफ्तारी के बाद इंफाल घाटी में बंद, जनजीवन प्रभावित; प्रदर्शनकारियों ने वाहन जलाए","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manipur: हथियारबंद लोगों की गिरफ्तारी के बाद इंफाल घाटी में बंद, जनजीवन प्रभावित; प्रदर्शनकारियों ने वाहन जलाए
Sat, 28 Dec 2024 06:40 PM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल।
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 28 Dec 2024 06:40 PM IST
सार
Manipur: मणिपुर की इंफाल घाटी में हथियारबंद लोगों की गिरफ्तारी के खिलाफ बंद के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद समर्थकों ने सड़क पर चौपहिया वाहन और टायर जलाए।
विज्ञापन
मणिपुर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
मणिपुर की इंफाल घाटी के पांच जिलों में बंद के कारण शनिवार को आम जनजीवन प्रभावित रहा। 14 दिसंबर को थौबल जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में छह हथियारबंद लोगों की गिरफ्तारी और एक व्यक्ति की मौत के खिलाफ इस बंद का आह्वान किया गया था।
विज्ञापन
बंद समर्थकों ने की वाहनों में तोड़फोड़
बंद के कारण इंफाल घाटी के विभिन्न इलाकों में दुकानें और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। साथ ही सार्वजनिक वाहन भी सड़कों पर नहीं दिखे। बंद समर्थकों ने इंफाल पश्चिम के लाम्फेल संकेथेल में सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और टायर जलाए। बिष्णुपुर जिले में बंद समर्थकों ने सड़कों पर चल रहे चौपहिया वाहनों में तोड़फोड़ की।
विज्ञापन
कोकोमी के छात्र और महिला संगठनों किया बंद का समर्थन
पुलिस के मुताबिक, चौबीस घंटे का बंद शुक्रवार शाम छह बजे शुरू हुआ था। इस बंद का समर्थन मणिपुर की एकता के लिए समन्वय समिति (कोकोमी) के छात्र और महिला संगठनों ने किया। कोकोमी कई मणिपुरी नागरिक समाज संगठनों का समूह है।
विज्ञापन
प्रतिबंधित संगठन के सदस्य थे गिरफ्तार लोग: पुलिस
पुलिस के मुताबिक, थौबल के सलुंगफाम में मुठभेड़ के बाद जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिस एक व्यक्ति की मौत हुई, वह प्रतिबंधित संगठन कंगलीपाक पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी (प्रीपाक) के सदस्य थे। पुलिस ने बताया कि ये सभी लोग कथित तौर पर जबरन उगाही के कृत्यों में शामिल थे। पुलिस ने उनके कब्जे भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया, जिनमें कुछ पुलिस के चोरी के हथियार भी शामिल थे।
गांववालों का दावा
हालांकि, बंद समर्थकों का दावा है कि वे सभी लोग गांव के स्वयंसेवक हैं,जो अपने इलाके को हथियारबंद कुकी समूहों से बचाने के लिए काम कर रहे थे। मणिपुर में पिछले साल मई से मेतेई और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा जारी है। इस हिंसा में ढाई सौ से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
गोलीबारी करने वालों की धरपकड़ को संयुक्त तलाशी अभियान
इंफाल पूर्व जिले के थामनपोक्पी और सनसाबी में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं में शामिल हथियारबंद लोगों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों ने आज संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीमें यैंगांगपोक्पी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं। इस बीच, सुरक्षाबलों ने चुराचांदपुर जिले में एक विशाल शस्त्र और गोलाबारूद का जखीरा बरामद किया गया।
पुलिस ने एक बयान में कहा, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक क्षेत्र को हथियारबंद अपराधियों से मुक्त नहीं कर लिया जाता। हालांकि, एक सुरक्षा बल की टीम को सैबोल गांव के पास आदिवासी महिलाओं ने रोक लिया और उन्हें वापस जाने को कहा। उन्हें वहां से लौटना पड़ा।
चुराचांदपुर जिले से गोला-बारूद बरामद
इस बीच, पुलिस के मुताबिक कुकी-बहुल चुराचांदपुर जिले के मुअल्लम गांव के पास से एक विशाल शस्त्र और गोलाबारूद का जखीरा बरामद किया गया। जब्त किए गए सामानों में एक इंसास राइफल एक मैगजीन के साथ, एक 9 मिमी देसी पिस्तौल एक मैगजीन के साथ और एक सिंगल-बैरेल राइफल एक मैगजीन के साथ शामिल थे। बरामद हथियारों को आगे की कानूनी प्रक्रियाओं के लिए सिंगहट थाने को सौंप दिया गया।
संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन