फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mani Shankar Aiyar says If it cannot stand a dissident then it is Congress' doom

'असहमति का सामना न करना विनाशकारी': मणिशंकर ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना, इंदिरा का नाम लेकर दी चुनौती

Tue, 17 Feb 2026 10:20 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 17 Feb 2026 10:20 PM IST
सार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर निशाना साधा है और कहा, यदि इस पार्टी के लिए कर्ताधर्ता असहमति के स्वर का सामना नहीं कर सकते तो यह इसके लिए विनाशकारी है। 
 

विज्ञापन
Mani Shankar Aiyar says If it cannot stand a dissident then it is Congress' doom
मणिशंकर अय्यर, पूर्व केंद्रीय मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने मंगलवार को पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि इस पार्टी के लिए कर्ताधर्ता असहमति के स्वर का सामना नहीं कर सकते तो यह मुख्य विपक्षी दल के लिए ‘विनाशकारी है’ तथा पार्टी को शासन करने का कोई अधिकार नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस आलाकमान को यह चुनौती भी दी कि वह राहुल गांधी के मुंह से राजीव गांधी का 1989 में दिया वह बयान फिर से दिलवाएं कि 'सिर्फ धर्मिनिरपेक्ष भारत ही कायम रह सकता है।'

विज्ञापन

 
पूर्व मंत्री मणिशंकर अय्यर ने यूट्यूब पर अपनी सीरीज मणि टॉक में जारी एक वीडियो में कहा, कांग्रेस असहमति के कारण जीवित है, अनेक मतों के कारण कांग्रेस का विकास होता है। यह सब वैदिक उपदेश से जुड़ा है कि ईश्वर एक है, कांग्रेस एक है। लेकिन ईश्वर तक पहुंचने के अनेक मार्ग हैं, और उसी प्रकार कांग्रेस तक पहुंचने के भी अनेक मार्ग हैं। दुर्भाग्य से, ऐसा लगता है कि वर्तमान पार्टी इस सबक को भूल गया है।
विज्ञापन


पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, जो लोग ईमानदारी से असहमति व्यक्त करते हैं, वे राजनीतिक दायरे में ही रहते हैं। जो लोग बेईमानी से असहमति जताते हैं, इतिहास स्वयं, शायद ईश्वर खुद, उन्हें दंडित करता है। इसलिए, यदि वर्तमान व्यवस्था किसी असंतुष्ट को बर्दाश्त नहीं कर सकती, तो मुझे डर है कि यह कांग्रेस का अंत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: असम की सियासत में यू-टर्न का दौर जारी: हिमंत सरमा का दावा- 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे भूपेन बोरा  

राजीव व इंदिरा का दौर किया याद
अय्यर ने याद दिलाया कि 5 मई, 1989 को राजीव गांधी ने संसद में कहा था कि सिर्फ धर्मनिरपेक्ष भारत ही टिक सकता है। और अगर भारत धर्मनिरपेक्ष नहीं है तो शायद यह अस्तित्व के लायक भी नहीं है। अय्यर ने कहा, मैं कांग्रेस के हाई कमान से, जिन्होंने मुझे कार्यकारी समिति से बाहर रखा है, पूछता हूं: क्या आपमें राजीव गांधी के पुत्र के मुंह से निकले शब्दों को दोहराने का साहस है। अय्यर ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय में कांग्रेस में असंतुष्टों के आवाज उठाने के कई उदाहरण दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed