मेनका के स्टाफ पर आरोप लगने के मामले में आया नया मोड़
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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाने वाले बहराइच का एग्रीकल्चर इंजीनियर भूपेंद्र सिंह के रिश्तेदार जिपं सदस्य और रालोद नेता मंजीत सिंह ने षड्यंत्र के तहत मेनका गांधी के स्टाफ पर आरोप लगवाए थे। मेनका गांधी के स्टाफ ने शहर के पूर्व विधायक बीके सिंह की मौजूदगी में प्रेसवार्ता कर इसका साक्ष्य समेत खुलासा करते हुए बताया कि मंजीत सिंह ने एक व्यक्ति से ठगी की थी और एक की जमीन कब्जा रखी थी, उन दोनों की जब मंत्री मेनका गांधी ने मदद की तो मंजीत ने षड्यंत्र रचकर बदनाम करने की कोशिश की। इसके चलते इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है।
बहराइच जिले के महिपुरवा विकास खंड के ग्राम नैनिया निवासी एग्रीकल्चर इंजीनियर भूपेंद्र सिंह ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगी का आरोप केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पीआरओ व प्रतिनिधि समेत तीन लोगों पर लगाते हुए प्रार्थनापत्र दिया था। जिसकी जांच सीओ सिटी कर रहे थे। खबर प्रकाशित होने के बाद मेनका गांधी के स्टाफ में हड़कंप मच गया था। सोमवार को पूर्व विधायक वीके गुप्ता की मौजूदगी में मेनका गांधी के पीआरओ अश्वनी कुमार, संसदीय कार्यालय प्रभारी प्रमोद अग्रवाल, प्रतिनिधि एवं जिपं सदस्य देवेंद्र सिंह टोनी ने संयुक्त रूप से बताया कि जिपं सदस्य मंजीत सिंह ने ग्राम खमरिया निवासी देवकांत पुत्र बाबूराम से बेटे की जिला पंचायत में नौकरी लगवाने के लिए 28 जनवरी 2016 को तीन लाख रुपये लिए थे पर उसे नौकरी नहीं दिलवाई।
वापस पैसा मांगने पर उसे धमकाया। देवकांत ने हाल ही में मेनका गांधी से मिल कर अपनी पीड़ा बताई थी। जिस पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई का आदेश दिया था। सात जुलाई 2016 को देवेंद्र सिंह टोनी ने अन्य लोगों के साथ एसपी से मुलाकात कर एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमे कार्रवाई की मांग की गई थी। उस समय देवकांत भी साथ था। एसपी के आदेश पर उसकी जांच सीओ पूरनपुर कर रहे हैं।
मेनका परेशान कर रहीं, मैं देवकांत को नहीं जानता
रालोद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने पूछने पर स्वीकार किया कि मेनका के स्टाफ पर ठगी का आरोप लगाने वाला युवक उनका रिश्तेदार है, पर वह 20 लाख ठगने का जो आरोप लगा रहा है वह सही है। देवकांत के आरोप को मंजीत सिंह ने सिरे से न सिर्फ खारिज किया बल्कि यहां तक कह दिया कि वह उसे जानते तक नहीं। वसीम बेग की पत्नी की भूमि पर कब्जे की बात को भी वह एक हद तक नकारते रहे।
मेनका गांधी के स्टाफ को इसकी आशंका पहले से ही थी, लिहाजा उसने देवकांत और मंजीत सिंह का एक ऐसा फोटो खोज मीडिया को उपलब्ध करा दिया जिसे देखने के बाद यह बात शायद ही किसी के गले उतरे कि मंजीत सिंह देवकांत को नहीं जानते। यह फोटो भी कहीं और का नहीं बल्कि खुद मंजीत सिंह के घर के ड्राइंग रूम का है। जिसमे मंजीत सिंह बेतकल्लुफी से देवकांत के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं।
मंजीत सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि देवकांत ने इस तरह की कोई शिकायत पूर्व में की है जिसकी जांच के लिए सीओ पूरनपुनपुर के कार्यालय से करीब एक हफ्ता पहले फोन भी आया था। मंजीत सिंह का कहना है कि जिपं अध्यक्ष चुनाव में उन्होंने मेनकागांधी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को वोट न देकर स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद के कहने पर सपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था इस लिए मेनका गांधी व उनका स्टाफ उन्हें परेशान कर रहा है।