कर्नाटक: कोरोना के कारण नौकरी जाने का था डर, पत्नी और बच्ची सहित की खुदकुशी
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देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसकी वजह से कई लोगों को नौकरी जाने का डर सता रहा है। इस डर से कर्नाटक के धारवाड़ के कलावीकाई चला में रहने वाले एक परिवार ने आत्महत्या कर ली। 36 साल के मोनेश पट्टारा ने पहले अपनी 28 साल की पत्नी अर्पिता और चार साल की बेटी शुक्रिता को जहर खिलाया। इसके बाद उनके मृत शरीर के सामने खुद भी आत्महत्या कर ली।
मोनेश एक निजी कंपनी में काम करते थे। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा था जिसकी वजह से उन्होंने यह खौफनाक उठाया। वे गडग जिले के रोना तालुक के असूती गांव के रहने वाले थे। निजी कंपनी में काम करने की वजह से वो धारवाड़ में रहते थे। उन्होंने पांच साल पहले अर्पिता से शादी की थी।
Three members of a family (couple & daughter) died by suicide in Dharwad yesterday, allegedly over fear of job loss due to #COVID19. A suicide note found near bodies. Case registered, investigation underway: Inspector, Suburban Police Station Dharwad #Karnataka
— ANI (@ANI) July 26, 2020
मौत से पहले अर्पिता का ब्लड प्रेशर कम हो गया था। वहीं बेटी को बुखार था। वह दोनों को स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर गए। हालांकि जब बेटी का बुखार कम नहीं हुआ तो मोनेश को लगा कि ये कोरोना संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने आत्महत्या करने से पहले बेटी और पत्नी को जहर खिला दिया। क्षेत्र के तहसीलदार ने घटनास्थल का दौरा और निरीक्षण किया। मोनेश द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट को धारवाड़ उप-शहर पुलिस ने जब्त कर लिया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।