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ममता जन्मजात विद्रोही हैं, नजरअंदाज करना असंभव : प्रणब
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Oct 2017 02:02 AM IST
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ममता बनर्जी और प्रणब मुखर्जी
- फोटो : FILE PHOTO
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ममता बनर्जी को पैदाइशी विद्रोही बताया है। उन्होंने उस लमहे को याद किया जब ममता ने भरी सभा में तूफान खड़ा कर दिया था और सबके सामने ‘उनको अपमानित कर दिया था।’
प्रणब मुखर्जी ने अपनी पुस्तक ‘द कोएलिशन इयर्स में’ लिखा है कि ममता की विशेषता है, जिसका वर्णन करना मुश्किल है, लेकिन उनकी अनदेखी करना नामुमकिन है। प्रणब ने लिखा है कि ममता ने निर्भीकता और आक्रामकता के साथ अपना करियर बनाया और उनके खुद के संघर्ष का परिणाम है कि आज वह इस मुकाम पर हैं।
पूर्व राष्ट्रपति ने लिखा है कि ममता बनर्जी सहित पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेता संगठन में खुले चुनाव के मुकाबले सर्वसम्मत चुनाव चाहते थे, क्योंकि उससे पार्टी में गुटबंदी हो जाती, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राव ने उन्हें मध्यस्थता करने और इसका कोई हल निकालने को कहा।
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प्रणब ने लिखा कि तब उन्होंने एक दिन ममता को बैठक के लिए बुलाया ताकि सांगठनिक चुनाव पर उनके विचारों पर चर्चा हो सके। उस बैठक में अचानक ममता भड़क गईं और प्रणब सहित अन्य नेताओं पर उनके खिलाफ साजिश का आरोप लगाते हुए चुनाव की मांग कर दी थी।
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प्रणब मुखर्जी ने अपनी पुस्तक ‘द कोएलिशन इयर्स में’ लिखा है कि ममता की विशेषता है, जिसका वर्णन करना मुश्किल है, लेकिन उनकी अनदेखी करना नामुमकिन है। प्रणब ने लिखा है कि ममता ने निर्भीकता और आक्रामकता के साथ अपना करियर बनाया और उनके खुद के संघर्ष का परिणाम है कि आज वह इस मुकाम पर हैं।
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पूर्व राष्ट्रपति ने लिखा है कि ममता बनर्जी सहित पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेता संगठन में खुले चुनाव के मुकाबले सर्वसम्मत चुनाव चाहते थे, क्योंकि उससे पार्टी में गुटबंदी हो जाती, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राव ने उन्हें मध्यस्थता करने और इसका कोई हल निकालने को कहा।
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प्रणब ने लिखा कि तब उन्होंने एक दिन ममता को बैठक के लिए बुलाया ताकि सांगठनिक चुनाव पर उनके विचारों पर चर्चा हो सके। उस बैठक में अचानक ममता भड़क गईं और प्रणब सहित अन्य नेताओं पर उनके खिलाफ साजिश का आरोप लगाते हुए चुनाव की मांग कर दी थी।