फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mamata Didi, we need action, not just words: Gujarat CM on issue of women's safety

Gujarat: 'दीदी हमें सिर्फ बातें नहीं, कार्रवाई चाहिए', ममता बनर्जी पर बरसे गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल

Fri, 06 Sep 2024 10:44 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 06 Sep 2024 10:44 PM IST
सार

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर महिला सुरक्षा को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि ममता दीदी हमें सिर्फ बातें नहीं, कार्रवाई चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एक मौलिक मानव अधिकार है, न कि कोई राजनीतिक मुद्दा।

विज्ञापन
Mamata Didi, we need action, not just words: Gujarat CM on issue of women's safety
ममता बनर्जी पर बरसे गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल - फोटो : ANI

विस्तार

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कार्रवाई की जरूरत है, न कि केवल बातों की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बिना किसी डर के जीने के लिए बिना किसी बहाने के तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है।
विज्ञापन


एक्स के जरिए भूपेंद्र पटेल ने साधा निशाना
एक्स पर एक लंबे पोस्ट में भूपेंद्र पटेल ने कहा, ममता दीदी, हमें केवल बातों की नहीं, बल्कि कार्रवाई की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट और अन्य कानून मजबूत हैं, लेकिन उनका प्रभाव स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई पर निर्भर करता है। जांच से लेकर सजा तक, समय पर न्याय महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन


राज्य सरकार की प्रमुख कार्रवाईयों का दिया हवाला
इस दौरान उन्होंने गुजरात सरकार की तरफ से ऐसे कुछ मामलों में कार्रवाईयों का जिक्र किया, उन्होंने लिखा- इन मामलों पर विचार करें: सूरत का पांडेसरा पॉक्सो मामला: 10 दिनों में चार्जशीट दाखिल की गई, दुष्कर्मी को 22 दिनों में मौत की सजा सुनाई गई। पुना पुलिस स्टेशन का मामला: दुष्कर्मी को सिर्फ 32 दिनों में मौत की सजा सुनाई गई। सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि दुष्कर्म के मामलों में ही नहीं, बल्कि 22 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में भी गुजरात पुलिस ने 9 दिनों में आरोपपत्र दाखिल किया और 75 दिनों के भीतर न्याय हुआ, जिसमें हत्यारे को मौत की सजा सुनाई गई। उन्होंने कुछ और उदाहरण देते हुए कहा, भावनगर पॉक्सो मामला: 24 घंटे में आरोपपत्र दाखिल; 52 दिनों में न्याय हुआ। पीछा करने और उत्पीड़न के मामले: दोषियों को 5 साल की सजा दिलाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब कोई देरी नहीं, कोई बहाना नहीं- भूपेंद्र पटेल
उन्होंने पोस्ट में कहा, महिलाओं की सुरक्षा एक मौलिक मानव अधिकार है, न कि कोई राजनीतिक मुद्दा। हमें तत्परता, पारदर्शिता और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। आइए सुनिश्चित करें कि हमारी माताएं, बेटियां और बहनें बिना किसी डर के रहें। अब कोई देरी नहीं, कोई बहाना नहीं - केवल त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही।


गुजरात के गृह राज्य मंत्री ने भी कसा तंज
वहीं बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि कई सख्त कानून उपलब्ध हैं और अगर प्रशासन दृढ़ निश्चयी है, तो यह त्वरित न्याय दिलाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा, त्वरित कार्रवाई करके गुजरात सरकार ने साबित कर दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को दंडित किया जा सकता है, ताकि दूसरों के लिए उदाहरण पेश किया जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed