PM Modi: पीएम मोदी से पांच दिसंबर को मिल सकती हैं ममता बनर्जी, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पांच दिसंबर को नई दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने की संभावना है। एक अधिकारी बताया कि संभावित बैठक के दौरान बनर्जी केंद्र द्वारा राज्य की बकाया राशि जारी करने के लिए दबाव बना सकती हैं।
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पांच दिसंबर को नई दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठक से इतर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकती हैं। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि संभावित बैठक में ममता केंद्र पर राज्य का बकाया जारी करने का दबाव बना सकती हैं। इसके अलावा वह फरक्का बैराज और उसके आसपास हो रहे कटाव का मुद्दा भी उठा सकती हैं।
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है, क्योंकि भारत 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस बीच खबर है की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पांच दिसंबर को नई दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठक से इतर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने की संभावना है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्री के बंगाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू करने के लिए लंबित बकाया राशि के मुद्दे को भी उठाये जाने की उम्मीद है।
इस बात को लेकर चिंतित हैं ममता बनर्जी
पीएम मोदी को दिये एक ज्ञापन में बनर्जी ने बताया था कि 31 जुलाई, 2022 तक केंद्र सरकार से राज्य का बकाया लगभग 1,00,968.44 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के मालदा, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों में गंगा नदी के तटों पर लगातार हो रहे कटाव पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि वह संबंधित मंत्रालय को सभी हितधारकों को शामिल करते हुए एक विस्तृत अध्ययन करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एक एकीकृत योजना तैयार करने की सलाह दें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हुई मोतियाबिंद की सर्जरी
कर्नाटक : मतदाताओं का डाटा चोरी की आशंका, जांच के आदेश जारी
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार मीणा ने कहा कि मतदाता जागरूकता अभियान के दौरान एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के सदस्यों के स्वयं को बूथस्तरीय अधिकारी बताकर मतदाताओं की निजी जानकारी जुटाने की आशंका के चलते जांच के आदेश दिए गए हैं। कांग्रेस ने यहां मतदाताओं से जुड़े डाटा की चोरी का आरोप लगाया था।