Congress: पूर्वोत्तर के नेताओं संग खरगे ने बनाई आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति; मोदी सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय में उत्तर पूर्वी राज्यों के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। पूर्वोत्तर के पार्टी नेताओं के साथ वार्ता के बारे में केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी।
विस्तार
साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अभी से अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पूर्वोत्तर के छह राज्यों के कांग्रेस नेताओं संग बैठक की। इसमें अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम की 11 लोकसभा सीटों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर पूर्वोत्तर को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की 'एक्ट ईस्ट' नीति पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 'एक्ट लीस्ट' नीति बन गई है।
मणिपुर के हालात चिंताजनक
इस बैठक में मणिपुर के हालात को लेकर मंथन किया गया। इस दौरान मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम के नेताओं ने मणिपुर में 'बिगड़ती' स्थिति पर चिंता व्यक्त की। वहीं, बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव-संगठन केसी वेणुगोपाल ने मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस का स्टैंड भी साफ किया। उन्होंने मणिपुर को लेकर पीएम की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मणिपुर के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ी है। साथ ही मणिपुर के लोगों के प्रति अपने समर्थन और सहानुभूति को रेखांकित किया है। पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ एकजुटता से खड़ी है। पीएम मोदी से पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? हमें स्पष्टीकरण की आवश्यकता है!
बता दें कि मई की शुरुआत से ही मणिपुर में विशेषकर कुकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसक झड़पें देखी जा रही हैं। इसके बाद हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर का दौरा भी किया था
#WATCH | KC Venugopal, Congress General Secretary-Organisation speaks on the meeting with party leaders from the northeast held in Delhi today
— ANI (@ANI) July 15, 2023
"Congress stands in solidarity with the people of Manipur," he says. pic.twitter.com/YAKYfUSAcn
विपक्षी एकता की कवायद पर भी बोले वेणुगोपाल
इस दौरान कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने विपक्षी एकता की चल रही कवायद पर भी बयान दिया। उन्होंने बेंगलुरू में होने वाली विपक्ष की बैठक को पटना बैठक की सार्थक निरंतरता बताया।
खरगे ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
इस दौरान खरगे ने आरोप लगाया कि भारत, आज भाजपा की विभाजन और कलह की शातिर राजनीति का हमला देख रहा है। समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है। मौलिक अधिकारों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस सरकारों द्वारा स्थापित शांति और प्रगति की ठोस नींव को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर में कांग्रेस पार्टी द्वारा लागू की गई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भाजपा फर्जी श्रेय लेने के लिए हथिया रही है।
कार्यकर्ताओं से किया आग्रह
इस दौरान खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि अब कांग्रेस के प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता के लिए सभी को एकजुट करने का समय आ गया है। विविधता में एकता न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारे अस्तित्व का आधार है।
आगामी चुनाव के लिए रणनीति के तहत खरगे ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि अब समय आ गया है कि हम मैदान में उतरें और बूथ स्तर से शुरुआत करें। लोगों तक पहुंचें और पूर्वोत्तर में अपने साथी नागरिकों की आवाज को मजबूती से उठाएं। कोई भी विपक्ष सच्चाई की ताकत का सामना नहीं कर सकता।
इस बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल, सिक्किम, त्रिपुरा और नागालैंड के कांग्रेस प्रभारी अजॉय कुमार, मणिपुर के कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और इन राज्यों की राज्य इकाई के प्रमुख उपस्थित थे। वहीं, नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी बुखार से पीड़ित होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।