{"_id":"61dd72c52f08d065581822f2","slug":"malegaon-blast-case-accused-lt-col-prasad-purohit-filed-application-in-nia-court-seeking-in-camera-hearing-of-the-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालेगांव विस्फोट: कर्नल पुरोहित की अदालत से मांग, बंद कमरे में की जाए सुनवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मालेगांव विस्फोट: कर्नल पुरोहित की अदालत से मांग, बंद कमरे में की जाए सुनवाई
Tue, 11 Jan 2022 07:29 PM IST
न्यूज डेस्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: न्यूज डेस्क
Updated Tue, 11 Jan 2022 07:29 PM IST
सार
पिछले साल कर्नल पुरोहित ने निचली अदालत के समक्ष एक याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने जांचकर्ताओं द्वारा उनके अभियोजन को उचित मंजूरी नहीं देने का मुद्दा उठाया था।
विज्ञापन
col srikant purohit
विस्तार
साल 2008 में मालेगांव में हुए बम धमाका मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित ने मंगलवार को विशेष अदालत में आवेदन दायर कर मामले की सुनवाई बंद कमरे में करने की अपील की। पुरोहित ने कहा कि न्याय के हित में मामला अदालत के कक्ष तक ही सीमित रहना चाहिए और राय निर्माताओं और राष्ट्रविरोधी अवसरवादियों को इससे दूर रखना चाहिए।
मंगलवार को दायर अपने आवेदन में पुरोहित ने कहा कि अदालत के 2019 के आदेश का मीडिया उल्लंघन कर रहा है। इसलिए मुकदमे को कवर करने की अनुमति को पूरी तरह से वापस लिया जाए। आवेदन में कहा गया है कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2019 में अदालत के समक्ष दिए गए ऐसे ही एक आवेदन में मुकदमे की सुनवाई बंद कमरे में आयोजित करने और मीडिया को रिपोर्टिंग की इजाजत नहीं देने का अनुरोध किया था।
उस समय पत्रकारों ने इसका विरोध किया था क्योंकि मीडिया सुनवाई की कार्यवाही पर बहस और चर्चा कर रहा था। हालांकि विशेष अदालत ने एनआईए का आवेदन खारिज कर दिया था, लेकिन मुकदमे की रिपोर्टिंग करते समय मीडिया पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। अदालत ने कहा था कि मीडिया को मामले में गवाहों की पहचान उजागर नहीं करनी चाहिए और मामले में किसी भी तरह की बहस, साक्षात्कार या चर्चा नहीं करनी चाहिए।
विज्ञापन
हालांकि इस मामले के एक अन्य आरोपी समीर कुलकर्णी ने पुरोहित के आवेदन का विरोध किया है। वहीं, अदालत ने एनआईए और अन्य आरोपियों को पुरोहित के आवेदन पर अपने जबाव दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि वह इस याचिका पर बाद में सुनवाई करेगी। विशेष अदालत मालेगांव विस्फोट मामले में रोजाना सुनवाई कर रही है। इस मामले में अब तक 16 गवाह मुकर चुके हैं। नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर बंधे एक विस्फोटक के फट जाने से छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
विज्ञापन
मंगलवार को दायर अपने आवेदन में पुरोहित ने कहा कि अदालत के 2019 के आदेश का मीडिया उल्लंघन कर रहा है। इसलिए मुकदमे को कवर करने की अनुमति को पूरी तरह से वापस लिया जाए। आवेदन में कहा गया है कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2019 में अदालत के समक्ष दिए गए ऐसे ही एक आवेदन में मुकदमे की सुनवाई बंद कमरे में आयोजित करने और मीडिया को रिपोर्टिंग की इजाजत नहीं देने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
उस समय पत्रकारों ने इसका विरोध किया था क्योंकि मीडिया सुनवाई की कार्यवाही पर बहस और चर्चा कर रहा था। हालांकि विशेष अदालत ने एनआईए का आवेदन खारिज कर दिया था, लेकिन मुकदमे की रिपोर्टिंग करते समय मीडिया पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। अदालत ने कहा था कि मीडिया को मामले में गवाहों की पहचान उजागर नहीं करनी चाहिए और मामले में किसी भी तरह की बहस, साक्षात्कार या चर्चा नहीं करनी चाहिए।
विज्ञापन
हालांकि इस मामले के एक अन्य आरोपी समीर कुलकर्णी ने पुरोहित के आवेदन का विरोध किया है। वहीं, अदालत ने एनआईए और अन्य आरोपियों को पुरोहित के आवेदन पर अपने जबाव दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि वह इस याचिका पर बाद में सुनवाई करेगी। विशेष अदालत मालेगांव विस्फोट मामले में रोजाना सुनवाई कर रही है। इस मामले में अब तक 16 गवाह मुकर चुके हैं। नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर बंधे एक विस्फोटक के फट जाने से छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।